Sun Bath:क्या सच में हड्डियों और दिमाग का पावर बैंक है सूरज? जानें असल सच्चाई

Sun Bath: सूजर की रोशनी क्या सच में हेल्थ के लिए अच्छी होती है? इसकी जानकारी बहुत ही कम लोगों को पता होगी। यहां जानें सनबाथ के फायदे और लेने का सही समय।

Sun Bath: बचपन से ही हम सभी सुनते और पढ़ते आ रहे हैं कि, धूप की रोशनी हड्डियों के साथ पूरी बॉडी के लिए बहुत अच्छी होती है।लेकिन क्या सच में ये हेल्थ को फायदा करती है? या फिर धूप में बैठना लोगों को सिर्फ अच्छा लगता है इसीलिए वो ऐसा करते हैं। आज इन्हीं तमाम सवालों का जवाब इस आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं।

Sun Bath के एक नहीं अनेक फायदे

1- हड्डियों को कैसे मिलता है फायदा?

धूप की रोशनी में कैल्शियनम भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यही वजह है कि, इसे हड्डियों के लिए काफी अच्छा माना जाता है। धूप की पराबैंगनी किरणें कोलेस्ट्रॉल के साथ मिलकर विटामिन D बनाती हैं। जिससे हड्डियों को मजबूती मिलती है।

2- धूप दिमाग को करती है खुश

सन बाथ से दिमाग भी शांत होता है। क्योंकि सन लाइट सेरोटोनिन नाम के हार्मोन को रिलीज करके खुशी और सुकून का अनुभव फील कराती है। मूड सुधारने के लिए इसे अच्छा विकल्प माना जाता है।

3- दिल और फेफड़ों  के लिए वरदान है धूप

धूप की रोशनी मेलाटोनिन हार्मोन को रिलीज करती है। जिसकी वजह से अच्छी नींद आती है। वहीं धूप ब्लड प्रेशर को कंट्रोल भी करती है। जिससे दिल और फेफड़ों की बीमारी में राहत मिलती है। इम्यूनिटी को बढ़ाने में सन बाथ का अहम रोल है।

डॉक्टर बताते हैं सर्दियों में धूप लेने का सही समय और असली फायदा

भारत में धूप सेकने का सबसे अच्छा समय सुबह 10 बजे से लेकर 3 बजे तक का माना जाता है। इसमें विटामिन डी बनाने वाली यूवीबी किरणें ,सबसे ज्यादा एक्टिव रहती हैं। रोजाना अगर 20 से 30 मिनट तक सनबाथ लिया जाए तो हड्डियों, स्किन और दिमाग को राहत मिलती है। धूप को डायरेक्ट सेकना चाहिए तभी इसका फायदा मिलता है। शीशे से यूवीबी किरणें शरीर तक नहीं पहुंच पाती है।डॉक्टर्स अकसर इसके फायदे गिनाते रहते हैं। उनका कहना है कि, सन लाइट सिर्फ हड्डियों और दिमागी संतुलन के लिए अच्छी नहीं बल्कि ये कैंसर से भी बचाव कर सकती है। पर्याप्त धूप शरीर में इम्यूनिटी को बढ़ाती है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

 

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