Viral fever में एंटीबायोटिक दवाएं खाने वाले हो जाएं सावधान , एम्स के डॉक्टर से जानें कैसे शरीर को हो सकता है बड़ा नुकसान ?

Viral Fever : अगर वायरल फीवर होने पर आप भी एंटीबायोटिक दवाएं लेते हैं तो सावधान होने की जरुरत है। डॉक्टर रणदीप गुलेरिया इसके प्रभावों के बारे में बता रहे हैं। इनका सेवन करने से पहले नुकसानों के बारे में जानें।

Viral fever : बरसात शुरु होते ही हर आयु वर्ग के लोगों में बुखार की समस्या बढ़ने लगती है। इस दौरान अगर आप भी एंटीबायोटिक दवा लेते हैं तो सावधान हो जाएं। इसके नुकसानों और प्रभावों के बारे में देश के जाने-माने डॉक्टर और एम्स के पूर्व निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया जानकारी दे रहे हैं। उनका कहना है कि, बुखार होने पर तुरंत बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक दवा शुरू कर देना सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है। ये दवाएं शरीर पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालती हैं।

Viral fever  होने पर एंटीबायोटिक दवाएं  क्यों नहीं खानी चाहिए?

डॉक्टर का कहना है कि, एंटीबायोटिक दवाएं केवल बैक्टीरिया को मारने के लिए बनी हैं। वायरस से होने वाले संक्रमण पर इनका कोई असर नहीं होता। जब हम बिना जरूरत के बार-बार एंटीबायोटिक्स खाते हैं, तो  शरीर के बैक्टीरिया इन दवाओं के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर लेते हैं।

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डॉक्टर गुलेरिया ने चेतावनी दी है कि, एंटीबायोटिक दवाओं के इस दुरुपयोग के कारण अस्पतालों के आईसीयू में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है, जिन पर कोई भी दवा काम नहीं कर रही है और उनका इलाज बेहद मुश्किल हो जाता है। ये दवाएं बीमारी फैलाने वाले बैक्टीरिया के साथ-साथ हमारे पेट में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देती हैं, जिससे दस्त या पाचन की समस्या हो सकती है। ये दवाएं किडनी और लीवर पर बहुत ही बुरा प्रभाव डालती हैं।

बुखार आने पर क्या करें?

डॉक्टर गुलेरिया का कहना है कि, जब भी बुखार आए तो बिना डॉक्टर  या हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह के दवाई नहीं खाना चाहिए। उनका कहना है कि, वायरल बुखार आमतौर पर अपने आप ठीक होता है। इसके लिए केवल बुखार कम करने की दवा लेना चाहिए। स्थिति बिगड़ने पर ही एंटीबायोटिक दवाएं डॉक्टर की सलाह पर लेनी चाहिए।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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