Diabetes: क्या आप भी दिन भर एक जगह पर बैठे रहते हैं फिर भी आपको थकान के साथ रात में बिस्तर पर जाने के बाद पैर में दर्द का अनुभव होता है। यह दर्द आपको बेचैन कर देता है। हर दिन आप काम करें या आराम लेकिन रात में पैर दर्द की वजह से आपको परेशानी हो रही है तो यह खतरे की जबरदस्त बड़ी घंटी है। जहां डायबिटीज के मरीजों को इसके लिए सावधान रहने के लिए कहा गया है। एक्सपर्ट ने बताया कि डायबिटीज के मरीजों को अक्सर रात में पैरों में दर्द की समस्या क्यों होती है। इसकी वजह क्या है और कैसे आप इस पर ध्यान दे सकते हैं।
क्या है डायबिटीज में रात में पैरों के दर्द की वजह
इंस्टाग्राम चैनल से शेयर किए गए इस पोस्ट के साथ ही डॉक्टर अजय गिल ने इसे लेकर जो कहा वह आपको हैरान कर सकता है जहां इसकी वजह बताते हुए उन्होंने डायबिटीज के मरीज को सतर्क किया। उन्होंने बताया है कि यह मसल्स क्रैंप्स, डायबीटिक न्यूरोपैथी, विटामिन डी B12 या मैग्नीशियम की कमी की वजह से हो सकती है। खराब ब्लड सर्कुलेशन, ज्यादा थकान या डिहाइड्रेशन भी इसके लिए जिम्मेदार है।
पोषण की कमी कैसे है वजह
डायबिटीज के मरीजों को अगर रात में टांगों में दर्द हो रहा है तो इसकी वजह पोषण की कमी भी हो सकती है जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन। इसका कारण आपके शरीर में खून की कमी है। मांसपेशियों में अकड़न के साथ ही रात में खिंचाव बढ़ सकता है।
कैसे डिहाइड्रेशन आपके लिए है सबसे बड़ी समस्या
पानी कम पीना और पसीने की वजह से मांसपेशियों में कमजोरी के साथ-साथ जल्दी थकान और नशे टाइट होने लगती है जिसकी वजह से परेशानी होती है।
क्या है नसों की समस्या
पैरों में तेज दर्द डायबिटीज और चोट की वजह से हो सकती है जिसमें झनझनाहट, सुन्नपन रात में तेज दर्द हो सकता है।
इसके साथ ही अर्थराइटिस, नसों में सूजन रात भर बेचैनी और चलने में दिक्कत हो सकता है।
Diabetes के मरीज क्या करें
वहीं इसके लिए एक्सपर्ट ने सुझाव देते हुए बताया है कि दिन में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं और हल्की स्ट्रेचिंग करें। इससे आपको लाभ मिल सकता है। संतुलित भोजन से भी फायदा हो सकता है। इसके साथ ही अगर ज्यादा परेशानी हो रही है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
