Brain Stroke आने पर सबसे पहले क्या करें? भूलकर भी न करें ये काम? मरीज की जान बचानी है तो जानें

Brain Stroke: ब्रेन स्ट्रोक पड़ने पर मरीज की जान जाने की बहुत अधिक संभावनाएं होती हैं। इसीलिए इस दौरान सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। इसकी डॉक्टर रोहित गुप्ता के द्वारा दी जा रही है।

Brain Stroke

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Brain Stroke: ब्रेन स्ट्रोक वो स्थिति होती है, जिसमें दिमाग के एक हिस्से में अचानक से खून जम जाता है। जिसके बाद सिर की नस फट जाती है। क्योंकि जब मस्तिष्क कोशिकाओं को ऑक्सीजन और पोषण नहीं मिल पाता है तो मरीज की तुरंत जान भी जा सकती है। इसके प्रमुख कारण हाई बल्ड प्रेशर, तनाव, डायबिटिज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान और मोटापा आदि है। ब्रेन स्ट्रोक मरीज की कुछ घंटों, मिनटों और दिनों के बाद भी जान ले सकता है। इसीलिए  इसके मरीज को तुंरत ट्रीटमेंट की जरुरत होती है। थोड़ी सी देरी उसकी जान ले सकती है। इस गंभीर स्थिति में अगर समय रहते कुछ अहम कदम उठाएं जाएं तो मरीजों की जान बचाई जा सकती है।  इसकी जानकारी डॉक्टर रोहित गुप्ता के द्वारा दी जा रही है। उनका कहना है कि, ब्रेन स्ट्रोक पड़ने पर मरीज को क्या देना है और क्या नहीं देना है? इमरजेंसी में उठाया गया छोटा सा सही या फिर गलत कदम मरीज की जान ले भी सकता है और बचा भी सकता है।

Brain Stroke के मरीज के साथ सबसे पहले क्या करें?

डॉक्टर रोहित गुप्ता का कहना है कि, ब्रेन स्ट्रोक पड़ने पर मरीज के सबसे पहले लक्षण पहचानने हैं। क्योंकि इसी के बाद उसका इलाज किया जा सकता है, इस दौरान संतुलन खोना , आंखों की रोशनी जाना , चेहरे का टेढ़ापन , हाथ या पैर में कमजोरी और बोलने में लड़खड़ाहट जैसे लक्षण दिखते हैं।

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इस दौरान मरीज को करवट से लिटाना चाहिए। गले और छाती के पास के टाइट कपड़ों को ढीला कर देना है। मरीज की जान बचाने के लिए डॉक्टर के द्वारा तुरंत थ्रोम्बोलिसिस इंजेक्शन दिया जाता है।

ब्रेन स्ट्रोक के मरीजों को भूलकर भी ना दें ये चीजें

वहीं, ब्रेन स्ट्रोक के मरीज के साथ भूलकर भी कुछ चीजों को नहीं करना चाहिए। क्योंकि ये उसकी जान ले सकते हैं। डॉक्टर रोहित गुप्ता का कहना है कि, इस दौरान मरीज को कुछ भी खाने या पीने को न दें, क्योंकि स्ट्रोक में निगलने की क्षमता कम हो जाती है और खाना फेफड़ों में जा सकता है।  इसके साथ ही मरीज को अपनी मर्जी से हार्ट अटैक में दी जाने वाली एस्पिरिन दवा भूलकर भी ना दें।यदि स्ट्रोक खून बहने के कारण है, तो एस्पिरिन स्थिति बिगाड़ सकती है। इस दौरान मरीज को कोई भी घरेलू उपचार नही देनी है। मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाएं और न्यूरोसर्जन को दिखाएं। ब्रेन स्ट्रोक के मरीज को जितना जल्दी इलाज मिलेगा, उतनी जल्दी उसकी जान बचाई जा सकती है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

 

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