CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के तहत करोड़ों रुपये की राशि उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की है। इस योजना के माध्यम से राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और आत्मनिर्भरता बढ़ाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, योजना के अंतर्गत 1835 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजी गई। इससे प्रदेश की लाखों महिलाओं को राहत मिलेगी और घरेलू खर्चों में आर्थिक सहायता प्राप्त होगी। इसकी जानकारी खुद CM Mohan Yadav ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है।
CM Mohan Yadav ने महिलाओं को ट्रांसफर की धनराशि
बता दें कि CM Mohan Yadav ने आज नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से ज्यादा लाड़ली बहनों के खाते में ₹1835 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ₹296 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।
आत्मनिर्भर नारी, सशक्त मध्यप्रदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी में आयोजित कार्यक्रम में सहभागिता कर ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ के अंतर्गत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख से ज्यादा लाड़ली बहनों के खाते में ₹1835 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक… pic.twitter.com/KTe5iPYm3x
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 13, 2026
साथ ही, उन्होंने नरसिंहपुर जिले की प्राचीन धरोहरों पर आधारित कैलेंडर का विमोचन किया और विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री जी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूल के विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभिन्न विभागों द्वारा आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने ग्राम मुंगवानी में पौधरोपण कर गौसेवा भी की।
क्या है मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना?
‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ मध्य प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं में से एक है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता राशि दी जाती है। योजना का लाभ खासतौर पर गरीब, निम्न और मध्यम वर्गीय परिवारों की महिलाओं को मिलता है।
सरकार का मानना है कि नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की वित्तीय स्थिति बेहतर होगी और वे अपनी जरूरतों को आसानी से पूरा कर सकेंगी।






