CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। बता दें कि CM Yogi Adityanath आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर डिजाइन, चिप टेक्नोलॉजी और उभरती डिजिटल तकनीकों के विकास पर विशेष जोर दिया है।
जिसका असर भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। बता दें कि लखनऊ और नोएडा आधुनिक तकनीक का नया हब बनने जा रहा है और उत्तर प्रदेश नया कीर्तिमान रचेगा। गौरतलब है कि सीएम योगी सरकार की अगुवाई में राज्य विकास की और तेज से अग्रसर है।
CM Yogi Adityanath के निर्देशों का दिखा असर
यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “CM Yogi Adityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लखनऊ एवं नोएडा में यू-हब (डीप-टेक हब) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में लखनऊ एवं नोएडा में यू-हब (डीप-टेक हब) की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गई। यह पहल राज्य में डीप-टेक नवाचार, तकनीकी उद्यमिता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम… pic.twitter.com/ul33gpvwQM
— Government of UP (@UPGovt) August 4, 2026
यह पहल राज्य में डीप-टेक नवाचार, तकनीकी उद्यमिता, स्टार्टअप इकोसिस्टम और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है”। लखनऊ एवं नोएडा में यू-हब (डीप-टेक हब) की स्थापना को मंजूरी लखनऊ केंद्र को एप्लीकेशन-आधारित AI, गवटेक, हेल्थकेयर, इंडस्ट्रियल AL. कृषि जैव प्रौद्योगिकी एवं डायग्नोस्टिक्स जैसे क्षेत्रों के लिए विकसित किया जाएगा।
लखनऊ, नोएडा बनेगा तकनीक का आधुनिक हब
- नोएडा केंद्र को क्वांटम एवं एडवांस्ड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन एवं OSAT, फिजिकल AI एवं टोवोटिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी तथा उन्नत जैव प्रौद्योगिकी जैसे उच्च-तकनीकी क्षेत्रों पर केंद्रित किया जाएगा।
- यू-हव की स्थापना हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 में १1०० कटोड़ का पार्टभिक बजटीय प्रावधान, जिसमें 870 करोड़ पूंजीगत व्यय एवं ₹30 करोड़ परिचालन व्यय के लिए निर्धारित।
- तीन वर्षों की अवधि के लिए लगभग ₹387.5 करोड़ के वित्तीय समर्थन प्रस्तावित।
- अवसंरचना विकास को चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा क्रियान्वित।
गौरतलब है कि एआई और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश में इन क्षेत्रों के विकास से इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा टेक्नोलॉजी से जुड़े युवाओं को बड़े अवसर मिल सकते हैं।







