US-Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच लगातार टेंशन बढ़ती जा रही है, जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे है कि क्या ईरान और अमेरिका के बीच कुछ बड़ा होने जा रहा है। दरअसल हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उनके कई जंगी जहाज मीडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहे है। वहीं अब खबर आ रही है कि यूएस का जहाजों का बेड़ा मीडिल ईस्ट पहुंच चुका है, जिसके बाद कई तरह के कयास लगाए जा रहे है कि क्या दोनों देशों के बीच भीषण युद्ध होने जा रहा है। हालांकि ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा। जानकारी के मुताबिक दोनों देशों के बीच बढ़ते टेंशन मेरिकी विमानवाहक पोत स्ट्राइक ग्रुप ईरान के करीब पहुंच गया है। जिसके बाद सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या ट्रंप बड़ी कार्रवाई करने जा रहे है।
US-Iran War की आहट तेज!
गौरतलब है कि यूएस-ईरान वॉर की आंशका बढ़ गई है, क्योंकि अमेरिकी का जंगी बेड़ा मीडिल ईस्ट पहुंच चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, हिज़्बुल्लाह के नेता नईम कासिम ने कहा कि उनका समूह ईरान के खिलाफ वाशिंगटन की धमकियों को लेकर चिंतित है। कासिम ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा, “हम अपनी रक्षा करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं।” उन्होंने आगे कहा कि हिज़्बुल्लाह उचित समय पर हस्तक्षेप करने का निर्णय लेगा।
इसके अलावा ईरान के सैन्य अधिकारियों ने भी साफ शब्दों में कह दिया है कि अगर अमेरिका किसी प्रकार का हमला करता है, तो ईरान मुंहतोड़ कार्रवाई करेगा। इसके अलावा डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को धमकी दे रहे है। मालूम हो ईरान में अली खामेनेई के खिलाफ बारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। जिसमे 6 हजार से अधिक लोगों ने अपनी जवान गंवा दी थी। वहीं अब देखना होगा कि अब ईरान इस मुद्दे पर अपनी क्या प्रतिक्रिया देता है।
विश्व युद्ध की बढ़ी आशंका
गौरतलब है कि विश्व युद्ध को लेकर भी आंशका बढ़ गई है। गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच जंग जारी है, तो वहीं इजरायल और गाजा के बीच भी लगातार स्थिति चिंताजनक बने हुए है। इसके अलावा वेनेजुएला में अमेरिका की कार्रवाई ने कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। अब अमेरिका लगातार ईरान को धमकी दे रहा है। साथ ही उसने अपने जंगी जहाजों को मीडिल ईस्ट में तैनात कर दिया है।
यानि अगर डोनाल्ड ट्रंप चाहे तो वह ईरान के खिलाफ किसी बी समय कार्रवाई कर सकते है। इसके अलावा सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या विश्व युद्ध होने जा रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर अमेरिका ईरान पर किसी प्रकार का हमला करता है, तो रूस और चीन ईरान की मदद के लिए आगे आ सकता है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि ईरान इसपर अपनी क्या प्रतिक्रिया देता है।
