India-EU FTA Deal: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली पहुंचे यूरोपीय यूनियन के नेता, अमेरिका में हड़कंप! क्या भारत करने जा रहा है बड़ा खेल? जानें सबकुछ

India-EU FTA Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच फ्री ट्रेड डील को लेकर सहमति बन सकती है। जिसके बाद कयासों का बाजार गर्म हो गया है।

India-EU FTA Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन के बाद एफटीए यानि फ्री ट्रेड डील को लेकर सहमति बन सकती है। इसको लेकर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष डोवास में उर्सुला वॉन डेर लेयेन मदर ऑफ ऑल डील बताया था। भारत द्वारा यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन को 25 से 27 जनवरी तक राजकीय यात्रा के लिए दिया गया निमंत्रण, भारत-यूरोपीय संघ संबंधों और मजबूत कर सकती है। वहीं अब इसे लेकर अमेरिका में हड़कंप मच गया है। गौरतलब है कि अमेरिका लगातार यूरोप के देशों को ग्रीनलैंड को लेकर धमकी दे रहा है। वहीं अब  इस मामले में अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट भारत पर लगाए गए टैरिफ को लेकर एक अहम खुलासा किया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

India-EU FTA Deal से दोनों देशों के बीच व्यापार संबंध होंगे बेहतर

बता दें कि इंडिया-ईयू एफटीए डील को लेकर चर्चाओं का बाजार  गर्म हो गया है। गौरतलब है कि भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में रणनीतिक गति का नया दौर शुरू हो गया है, और दोनों पक्ष नई दिल्ली में होने वाले आगामी भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से पहले अपनी सहभागिता को और तेज़ कर रहे हैं। भारत और यूरोपीय संघ लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ता को आगे बढ़ाने और मौजूदा रूपरेखा से परे साझेदारी को दिशा देने के लिए एक नया संयुक्त रणनीतिक एजेंडा अपनाने का प्रयास कर रहे हैं।

यह निरंतर सहभागिता व्यापार, निवेश, स्वच्छ और हरित ऊर्जा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और रक्षा, डिजिटल पहल, कनेक्टिविटी, अंतरिक्ष और कृषि क्षेत्रों में आपसी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। पिछले दशक में भारत-यूरोपीय संघ के संबंध काफी गहरे हुए हैं, जो मुख्य रूप से संवाद-आधारित बातचीत से हटकर रक्षा, बुनियादी ढांचे, निवेश, श्रम गतिशीलता और उभरती वैश्विक प्राथमिकताओं के क्षेत्र में कार्रवाई योग्य, रणनीतिक सहयोग में परिवर्तित हुए हैं।

इंडिया-ईयू एफटीए डील से अमेरिका में हड़कंप

गौरतलब है कि इंडिया-ईयू एफटीफ डील पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। जिसके बाद अब अमेरिका में हड़कंप मच गया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शनिवार को कहा कि रूस से तेल खरीदने पर भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को हटाने का रास्ता है, और उन्होंने यह भी बताया कि मॉस्को से भारत द्वारा तेल की खरीद पूरी तरह से बंद हो गई है। जिसके बाद सवाल खड़े हो रहे है कि क्या अमेरिका भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ में से 25 प्रतिशत टैरिफ कम करेगा। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद भी भारत अपने हिसाब से काम कर रहे है। वहीं अगर यूरोप के साथ भारत की डील हो जाती है, तो भारत की  अर्थव्यवस्था को सुधार दिखेगा ही, साथ ही यूरोप को भी अमेरिका का विकल्प मिल जाएगा।

 

 

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