Amul Masti Dahi Test: अमूल मस्ती दही जिसको आप बड़े ही चाव से खाते हैं। कभी दही तो कभी दही से बने हुए रेसिपी का लुत्फ क्या आप भी घर में बिना सोचे समझे उठाते हैं। क्या यह आपके लिए हेल्दी है। ट्रस्टीफाई ने एक और वीडियो के साथ इस बात की जानकारी दी कि इससे पहले पाउच वाले दही को लेकर कॉलीफॉर्म ईस्ट ओर मोल्ड माइक्रो बायोलॉजिकल टेस्टिंग में सेफ लिमिट से कहीं ज्यादा पाए जाने की बात की थी। वहीं इस सबके बीच एक और वीडियो में अब इसे लेकर जानकारी दी गई। आइए जानते हैं अमूल मस्ती दही टेस्ट में इस बार क्या कहा गया।
अमूल मस्ती दही टेस्ट को लेकर क्यों बिफर उठी थी कंपनी
ट्रस्टीफाई के वीडियो की बात करें तो पहले अमूल मस्ती दही टेस्ट में कप वाला दही पूरी तरह से पास हो गया लेकिन अमूल पाउच वाले वेरिएंट में हाइजीन प्रक्रिया को लेकर कुछ पैरामीटर ऐसे निकले जो सेफ लिमिट से ज्यादा थे। इसके बाद अमूल ने एक बयान जारी कर कहा था कि ट्रस्टीफाई का वीडियो भ्रामक है। वहीं अब एक बार फिर से ट्रस्टीफाई ने टेस्टिंग करवाई और टेस्टिंग में जो खुलासा हुआ वह हैरान कर रहा है। दरअसल माइक्रोबायोलॉजिकल मापदंड में एक बार फिर से अमूल मस्ती दही टेस्ट पास नहीं हुआ है।
Amul Masti Dahi Test में हुआ किस कदर यह है खतरनाक
अमूल मस्ती दही टेस्ट में कहा गया कि अमूल के पाउच वाले वेरिएंट में कॉलीफॉर्म ईस्ट और मोल्ड एफएसएसआई गाइडलाइन से कहीं ज्यादा अधिक मात्रा में पाए गए थे। इस बार भी कॉलीफॉर्म 76000 गुना ज्यादा पाया गया है इसके साथ ही इस ईस्ट और मोल्ड एफएसएसआई की सीमा से 22 गुना ज्यादा पाया गया है। इस वीडियो में यह भी कहा गया कि अमूल के खिलाफ ट्रस्टिफाई नहीं है। उनके कई प्रोडक्ट लैब टेस्ट में पास किए हुए हैं जैसे डार्क चॉकलेट से लेकर पनीर तक। डेयरी प्रोडक्ट्स की खुशियों का रास्ता अमूल से जाता है लेकिन अमूल मस्ती दही लैब टेस्ट में जो रिजल्ट निकले हैं उसे लेकर एहतियात बरतने की अपील की गई है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
