Leg Pain Relief: कुछ लोगों के हाथ-पैरों और जोड़ों में भयंकर दर्द रहता है. सुबह चाहकर भी वह नहीं उठ पाते हैं. ये मसल्स और हड्डियों के कमजोर होने से होता है.क्या आपके भी थोड़ा सा चढ़ने पर पैर भारी हो जाते हैं? घुटनों में दर्द शुरू हो जाता है और दिमाग में एक ही ख्याल घूमता रहता है. कहीं गिर ना जाऊं,उम्र के साथ जैसे-जैसे हमारी टांगे कमजोर होती जाती हैं, हम धीरे-धीरे चलना फिरना कम कर देते हैं.बाहर जाना, वॉक करना, घूमना फिरना सब कुछ बंद हो जाता है और फिर बॉडी और ज्यादा कमजोर हो जाती है. इस स्थिति में दवा भी कभी-कभी काम नहीं करती है. ऐसे में डॉक्टर सलीम जैदी के द्वारा 5 ऐसे उपाय बताए जा रहे हैं, जिन्हें आजमाकर हड्डियों को मजबूत किया जा सकता है.
मुनक्का और बादाम दर्द में देगा राहत
रात भर भीगे हुए मुनक्का और बादाम हड्डियों के दर्द में काफी आराम पहुंचाता है. इसके लिए पांच से छह मुनक्का और पांच बादाम पानी में भिगो दीजिए और सुबह बादाम का छिलका उतारकर और मुनक्का के बीज निकालकर दोनों
चबा चबाकर खा लीजिए. यह कॉम्बिनेशन मसल्स और नर्व्स को डायरेक्ट न्यूट्रिशन देता है. मुनक्का आयरन और एंटीऑक्सीडेंट से सर्कुलेशन को इंप्रूव करता है.
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बादाम में मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स होते हैं जो कि मसल्स को स्ट्रेंथ देते हैं. यह उन लोगों के लिए खासतौर से बहुत फायदेमंद है जिनको चलने फिरने में जल्दी थकान हो जाती है या पैरों में जान कम लगती है. लेकिन एक जरूरी बात ध्यान रखिएगा कि अगर आप डायबिटिक हैं या कोई सीवियर किडनी प्रॉब्लम आपको है तो इस नुस्खे को आपको नहीं लेना.
मेथी दिलाएगी भयंकर दर्द से निजात
इसी तरह रात भर भीगा हुआ मेथी दाना यानी फेनोग्रीक सीड्स को लेना। एक चम्मच मेथी दाना रात को पानी में भिगो दीजिए और सुबह में इसे आप चबा चबाकर खा लीजिए और ऊपर से इस पानी को पी लीजिए. अगर आपका डाइजेशन कमजोर है, आपको इस तरह से हजम ज्यादा नहीं होता है, तो आप चाहे तो इसको हल्का सा
उबाल कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं. मेथी जॉइंट्स के अंदर अकड़न को कम करती है और जॉइंट मूवमेंट्स खासतौर से घुटनों को स्मूथ बनाती है. जो लोग कहते हैं कि सुबह उठने के बाद जोड़ अकड़े-अकड़े से लगते हैं उनमें इससे काफी ज्यादा फायदा होता है. लेकिन अगर आपको शुगर पहले से लो रहती है या एसिडिटी या फिर लूज मोशंस की प्रॉब्लम रहती है तो इस इसे आप रेगुलरली ना लें।
हल्दी और गर्म दूध को बनाएं डाइट का हिस्सा
हल्दी और गर्म दूध भी पैरों के दर्द में बहुत काम आता है. आधा चम्मच हल्दी का पाउडर ले लीजिए और एक कप गर्म दूध ले लीजिए और इन दोनों को मिलाकर आप ऊपर से एक चुटकी कालीमिर्च का पाउडर मिलाइए और सोने से पहले इसको पी लीजिए. हल्दी बॉडी के अंदर इनफ्लेमेशन को कम करती है. इनफ्लेमेशन यानी एक तरह की अंदरूनी सूजन. ये टांगों की मसल्स और जॉइंट्स के अंदर की ये छुपी हुई जो सूजन है कम करती है तो उससे जाहिर सी बात है कि चलना फिरना ऑटोमेटिकली आसान हो जाता है। लेकिन अगर आपको पित्ते में पथरी की शिकायत है, गॉल ब्लैडर स्टोन है, बहुत ज्यादा एसिडिटी आपको रहती है या फिर खून को पतला करने वाली दवाइयां आपकी चल रही है तो इस नुस्खे को आपको नहीं लेना है।
तिल और गुड़ का मिक्सचर टांगों में डालेगा जान
इसी तरह तिल और गुड़ का मिक्सचर काफी लाभकारी माना जाता है. बस एक चम्मच हल्का भुना हुआ सफेद तिल आप ले लीजिए और उसमें आप थोड़ा सा गुड़ मिलाकर इसको सुबह-सुबह खा लीजिए. तिल नेचुरल
कैल्शियम का एक बहुत ही अच्छा सोर्स होता है. जॉइंट लिब्रगेशन और बोन स्ट्रेंथ के लिए भी यह बहुत फायदेमंद होता है और गुड़ जो है यह सर्कुलेशन को इंप्रूव करता है और बॉडी को इंस्टेंट एनर्जी भी देता है. बस ध्यान रखिएगा कि अगर आपको डायबिटीज है तो गुड़ खाने से आपकी शुगर बढ़ सकती है. इसलिए ऐसे केसेस में आप सिर्फ तिल को इस्तेमाल करें। गुड़ को आप इस्तेमाल करना अवॉइड करें.
देसी घी और सोंठ का करें सेवन
देसी घी और सोंठ भी दम तोड़ती टांगों में जान डाल देती है. आप बस आधा चम्मच गाय का देसी घी ले लीजिए और इसमें एक चौथाई चम्मच पिसी हुई सोंठ मिलाकर खाना खाने के बाद लीजिए. यह रेमेडी ब्लड सर्कुलेशन को इंस्टेंटली इंप्रूव करती है. इनफ्लेमेशन को बॉडी में कम करती . पैरों में गर्मी लाती है और ठंड से होने वाली अकड़न को भी कम करती है। लेकिन अगर आपका कोलेस्ट्रॉल हाई रहता है, फैटी लिवर की प्रॉब्लम आपको है या फिर एसिडिटी की प्रॉब्लम रहती है, तो यह नुस्खा आप नहीं ले सकते।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
