Colorectal Cancer: आज के समय में कैंसर के मामले काफी हद तक बढ़े हुए नजर आ रहे हैं। खासकर 50 साल की उम्र से कम के लोगों में ज्यादा खतरा देखा जा रहा है। लगभग 80% वर्ल्डवाइड कैंसर के मामले बढ़े हैं तो वहीं कोलोरेक्टल कैंसर इनमें से सबसे ज्यादा बढ़ने वाला कैंसर बताया जा रहा है लेकिन इसके पीछे की वजह जानने के बाद शायद आपको हैरानी हो सकती है। जी हां, कोलोरेक्टल कैंसर की वजह क्या होती है और कैसे इस पर ध्यान दिया जा सकता है। आइए जानते हैं क्या शॉकिंग खुलासे डॉक्टर सौरभ सेठी की तरफ से किए गए हैं।
कैसे महिलाएं कोलोरेक्टल कैंसर के रिस्क में डाल रही खुद को
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डॉ सेठी ने पोस्ट में बताया कि रिसर्च में कोलोरेक्टल कैंसर की वजह के बारे में शोध किया गया तब अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड सामने आया है जो कोलोरेक्टल कैंसर रिस्क को बढ़ाने में सबसे ज्यादा देखा गया। महिलाएं सबसे ज्यादा अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन कर रही है जिससे उन्हें 1/3 हर दिन कैलोरी मिल रहा है। यह 45% तक कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क बन सकता है। यह अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड क्रॉनिक लो ग्रेड इन्फ्लेमेशन माइक्रोबायोम डीसृप्शन और मेटाबॉलिक डिस्फंक्शन के साथ जुड़ा होता है जो कोलोरेक्टल कैंसर बढ़ाता है।
Colorectal Cancer से इस तरह करें अपना बचाव
कैंसर के रिस्क को कम करना चाहते हैं तो आप इन सिंपल स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।
अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड का सेवन करें कम
पैकेज ब्रेड, स्वीट योगर्ट, फ्लेवर्ड क्रीम्स, बोतल सॉस जैसे अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड को जहां तक हो सके कम से कम खाएं।
फाइबर को दें डाइट में जगह
कोलोरेक्टल कैंसर से बचने के लिए इस बात का खास ख्याल रखें कि आप कम से कम 25 से 37 ग्राम हर दिन फाइबर ले। यह आपके लिए फायदेमंद है और गट हेल्थ के लिए भी जरूरी है।
शुगरी ड्रिंक से जहां तक हो सके रहे दूर
लिक्विड शुगर मेटाबॉलिक स्ट्रेस और गट इन्फ्लेमेशन के लिए काफी ज्यादा नुकसानदायक होता है। ऐसे में पानी, कॉफी और बिना चीनी के चाय आपके लिए लाभदायक हो सकता है।
इन लक्षणों को कोलोरेक्टल कैंसर का माने शुरुआती संकेत
इसके साथ ही डॉक्टर सौरव ने यह भी बताया है कि अगर स्टूल में खून आ रहा हो या फिर लगातार आपका वेट लॉस हो रहा है। पेट में दर्द हो रहा हो और चक्कर जैसे सिंप्टम्स दिखाई दे रहे हैं तो आपको सावधान होने की जरूरत है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।






