Esophageal Cancer: वेट लॉस से लेकर खाना निगलने में दिक्कत आपके लिए हो सकता है रिस्की, जानिए 8 शॉकिंग सच्चाई

Esophageal Cancer: कहीं खाना खाने में दिक्कत और वजन का कम होना आप सामान्य मानकर गलती तो नहीं कर रहे हैं। आइए जानते हैं इसके लिए एक्सपर्ट ने क्या कहा है और कैसे आप अपना ध्यान रख सकते हैं।

Esophageal Cancer

Photo Credit- Google Esophageal Cancer

Esophageal Cancer: खाना निगलने में दिक्कत हो या वजन का लगातार काम हो अगर यह चीज आप इग्नोर कर रहे हैं तो शायद यह किसी गंभीर बीमारी के खतरे की शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ऐसी ही एक बीमारी इसोफेगल कैंसर है जिसे भोजन की नली या अन्ननली का कैंसर भी कहते हैं। यह तब होता है जब भोजन नली की अंदरूनी परत में असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित रूप से बढ़ने लगती हैं और ट्यूमर बना लेती है। यह नली गले को पेट से जोड़ती है। ऐसे में आइए जानते हैं डॉक्टर सौरभ सेठी से इसोफेगल कैंसर को लेकर वह 8 सच्चाई जिसे जान लेना जरूरी है।

1. इसोफेगल कैंसर में खाना निगलने में होती है दिक्कत

आपको यह जानकार हैरानी होगी कि खाना निगलने में थोड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आप सामान्य मानकर इग्नोर करने की गलती करते हैं लेकिन बाद में खाना खाने में परेशानी होने लगती है।

2. सालों तक क्रोनिक एसिड रिफ्लक्स बनता है आपके लिए खतरा

लंबे समय तक GERD होने से बैरेट इसोफेगस हो सकता है जो कैंसर का एक बड़ा रिस्क फैक्टर है। ऐसे में यह गलती भी आपके लिए रिस्की हो सकता है।

3. वजन कम होने लगे तो हो जाए सतर्क

लोग अक्सर सोचते हैं कि वे हेल्दी खाना खा रहे हैं या स्ट्रेस में हैं लेकिन निगलने में दिक्कत होने पर वे बिना जाने कम खाते हैं। वहीं दूसरी तरफ अगर बिना वजह वजन कम होने लगे तो आपको सतर्क होने की जरूरत है।

4. लगातार आवाज़ बैठना या खांसी भी है इसोफेगल कैंसर में है संकेत

बढ़ता हुआ ट्यूमर गंभीर लक्षण दिखने से पहले आस-पास की नसों और एयरवे में जलन पैदा कर सकता है। इसकी वजह से खांसी के साथ आपके आवाज में बदलाव देखने को मिलता है।

5. नहीं होता है इसोफेगल कैंसर में दर्द

जब तक निगलने में दर्द होने लगता है या सीने में दर्द होने लगता है तब तक कैंसर पहले ही बढ़ चुका होता है। शुरुआत में लेकिन किसी भी तरह का कोई भी दर्द नहीं होता है।

6. स्मोकिंग और शराब साथ में लेने से क्यों बढ़ता है रिस्क

स्मोकिंग और शराब का कॉम्बिनेशन अकेले की तुलना में इसोफेगल लाइनिंग को कहीं ज़्यादा नुकसान पहुंचाता है। ऐसे में एंजॉय करने की गलती आपके लिए रिस्की साबित होने वाला है।

7. 50 से ज़्यादा उम्र के पुरुषों को क्यों है ज्यादा रिस्क

खासकर जिन्हें क्रोनिक रिफ्लक्स, मोटापा, स्मोकिंग हिस्ट्री, या बहुत ज़्यादा शराब पीने की आदत है तो उन्हें विशेष सावधान करने की जरूरत होती है क्योंकि इसकी वजह से रिस्क के घेरे में होते हैं।

8. जल्दी पता चलने से ऐसे हो सकता बचाव

असामान्य सेल्स का जल्दी पता चलने से कैंसर होने से पहले इलाज हो सकता है। इस दौरान आपको अपने शरीर में होने वाले अलग-अलग बदलाव को ध्यान रखना जरूरी होता है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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