Fibre: फाइबर आपके शरीर में शुगर को कंट्रोल करता है। आप वही खाना खाते हैं लेकिन ब्लड शुगर रिस्पांस काफी अलग-अलग होता है अगर आप इसे अलग तरीके से खाते हैं। ऐसे में आपको सबसे पहले फाइबर का ध्यान रखना है। आपकी डाइट में फाइबर की मात्रा किस हद तक है इसकी वजह से पता चलता है कि आपका शुगर तेजी से बढ़ रहा है या फिर यह काम हो रहा है। आपकी छोटी सी डाइट में गलती आपके लिए बड़ी परेशानी की वजह बन सकती है। डॉक्टर सौरभ सेठी ने बताया कैसे आप अपनी फाइबर से बॉडी की शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं और कैसे यह काम करता है।
फाइबर और शुगर का क्या है कनेक्शन
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फाइबर स्लो होने लगता है और ऐसे में आपके पेट में खाना तेजी से बढ़ता है जिसकी वजह से ग्लूकोज अब्जोर्व काम होता है और ब्लड शुगर बढ़ने लगता है। रिफाइन कार्ब अगर आप बिना फाइबर के ले रहे हैं तो यह बहुत जल्दी अब्जोर्ब हो जाता है जिसकी वजह से ग्लूकोज काफी तेजी से आगे बढ़ता है और हायर इंसुलिन रिस्पांस मिलता है। इसके साथ ही भूख जल्दी लगते हैं। यह सॉल्युबल लेवल की तरह काम करता है। फाइबर कार्बोहाइड्रेट डाइजेशन को स्लो करने के साथ-साथ ब्लड स्ट्रीम में शुगर एंट्री का काम करता है।
कैसे एक ही शुगर सोर्स बदलता है Fibre की वजह से मेटाबोलिक रिस्पोंस
इसके साथ ही डॉक्टर सौरभ सेठी ने बताया है कि पूरे फल में फाइबर होता है लेकिन जूस से यह निकल जाता है। शुगर सोर्स एक होता है लेकिन मेटाबोलिक रिस्पोंस अलग होता है।यह गट बैक्टीरिया शॉर्ट चैन फैटी एसिड में बदल जाता है जिसकी वजह से इंसुलिन सेंसिटिविटी मेटाबॉलिक सिगनलिंग को सपोर्ट मिलता है। अगर आप व्हाइट ब्रेड को खा रहे हैं तो इसस ग्लूकोज बढ़ता है लेकिन अगर आप इस ब्रेड को वेजिटेबल्स प्रोटीन के साथ ले रहे हैं तो यह स्लो करता है।
महिलाओं और पुरुषों के लिए क्या है फाइबर की सही मात्रा
कार्ब के साथ चिया सीड्स या ब्लैक सीड्स का सेवन कर सकते हैं। इसके साथ ही आप सब्जियों का सेवन पहले करें। वहीं शुगर को कंट्रोल करने के लिए 25 ग्राम हर दिन इसकी जरूरत होती है महिलाओं में तो पुरुष में 30 से 38 ग्राम हर दिन की जरूरत होती है। इसके साथ ही आपको खुद को हाइड्रेट रखना है और हर मील के बाद आपको वॉक करना जरूरी है।






