Health Tips: गर्मी से राहत पाने के लिए बिना सोचे समझे क्या आप भी आइसक्रीम का सेवन करते हैं। अगर हां तो हेल्थ टिप्स देते हुए डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने एक वीडियो शेयर किया और बताया कि कहीं आइसक्रीम के नाम पर आप फ्रोजन फूड्स तो नहीं खा रहे हैं। इसके साथ ही एम्स ट्रेंड एक्सपर्ट ने यह भी कहा कि कैसे आप यह जान सकते हैं कि आप जो आइसक्रीम खा रहे हैं वह असली है या नकली। इसके लिए आइए जानते हैं आखिर इसे खाने से पहले किस बात का ध्यान रखें। यह आपके लिए स्टॉक से लेकर हार्ट अटैक के रिस्क को बढ़ा रहा है।
जानिए Health Tips में असली आइसक्रीम की पहचान
डॉ प्रियंका सेहरावत इस वीडियो में कहती हैं कि आप अपने बच्चों को आइसक्रीम खिला रहे हैं या फिर फ्रोजन डेजर्ट खिला रहे हैं। इसके बारे में पता करने के लिए आपको यह मालूम होना चाहिए कि आइसक्रीम में 10% मिल्क सॉलिड होते हैं यानी इसमें या तो क्रीम या फिर दूध का इस्तेमाल होना जरूरी बताया गया है। डॉक्टर यह भी कहती है कि भारत में ज्यादातर ब्रांड मिल्क सॉलिड की जगह पाम आयल का इस्तेमाल करती है।
आइसक्रीम कैसे हार्ट हेल्थ के लिए बन सकता रिस्की
एक्सपर्ट द्वारा यह भी बताया जाता है कि आइसक्रीम में इस्तेमाल किया जाने वाला पाम ऑयल काफी रिस्की होता है और इसमें ट्रांस फैट्स होते हैं। इसकी वजह से हार्ट की नलियां ब्लॉक हो जाती है और यह स्ट्रोक और हार्ट अटैक की वजह बनती है। इससे काफी हद तक खतरा बढ़ जाता है कोलेस्ट्रॉल में बढ़ोतरी होने लगती है।
किस बात का रखें ध्यान
ऐसे में हेल्थ टिप्स देते हुए डॉक्टर प्रियंका ने कहा है कि जब भी आप आइसक्रीम लेते हैं तो इसका लेवल पढ़ना चाहिए। अगर इसमें यह बताया गया है कि आइसक्रीम में मिल्क सॉलिड 10% है तो आप कभी-कभी ले सकते हैं
हर दिन आइसक्रीम खाने की भी मनाही डॉक्टर देती है और यह भी बता दिया कि अगर लेवल पर पाम आयल का इस्तेमाल बताया गया है तो आप उसे लेने से परहेज करें।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
