Health Tips: गर्मी चरम पर है और ऐसे में स्वास्थ्य संबंधी कई परेशानियों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। निश्चित तौर पर बड़ों से ज्यादा बच्चों पर इसका असर से पड़ता है। जनरल फिजिशियन और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ प्रियंका सेहरावत ने तपती गर्मी और लू से बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी हेल्थ टिप्स देती हुई नजर आई है। इस दौरान उन्होंने हेल्थ टिप्स में बताया कि कैसे बच्चों पर गर्मी का ज्यादा असर पड़ता है और इस दौरान उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही आप अपने बच्चों के लिए क्या कर सकते हैं।
Health Tips में जानें कैसे बड़ों से ज्यादा बच्चों को है खतरा
डॉ प्रियंका कहती हैं कि बच्चों के शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम बड़ों की तरह पूरी विकसित नहीं होता है इसलिए उन्हें गर्मी बहुत जल्दी और ज्यादा लगते हैं। इसकी वजह से बच्चों को कई परेशानियां होती है जिसमें से तीन मुख्य है।
हीट स्ट्रेस की वजह से बच्चे को हो सकती है परेशानी
जब गर्मियों में मौसम में तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है तो बच्चों में हीट स्ट्रेस होने लगते हैं और इसकी वजह से उन्हें बहुत ज्यादा बेचैनी के साथ-साथ जरूरत से ज्यादा पसीना आने लगता है ।
हीट एग्जॉशन कैसे बन सकता हैं बच्चे के लिए मुसीबत
बहुत ज्यादा गर्मी होने की वजह से बच्चों में हिट एग्जॉशन की समस्याएं होने लगती है जिसमें वह वोमिटिंग यानी उल्टी होना से लेकर सिर दर्द और चक्कर आना संभव है।
हीट स्ट्रोक का भी होता है खतरा
गर्मी की वजह से बच्चों में सबसे ज्यादा हीट स्ट्रोक का खतरा होता है। लू लगने की वजह से कमजोरी, बेहोशी आना हो सकता है। कभी-कभी लक्षण बढ़ जाने पर दौरे भी पड़ सकते हैं।
कैसे गर्मी में बच्चे को बचाए
पेरेंट्स को गर्मी से बचाव के लिए सलाह देते हुए डॉक्टर कहते हैं कि बच्चों को बाहर जाने से जहां तक हो सके रोके। अगर खेलने के लिए जाने भी देना है तो उस समय जाने दे जब तापमान कम हो और इस दौरान बच्चों को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी बताया है। इसके साथ ही आप अपने बच्चों को ढीले डाले कपड़े पहनाए क्योंकि कॉटन कपड़े जल्दी पसीना अब्जोर्ब कर लेता है और यह काफी कंफर्टेबल भी होता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
