Manglik Marriage Rule: परिणय सूत्र में बंधने से पहले तमाम तरह के रीति-रिवाजों से होकर गुजरना पड़ता है। वधु पक्ष शादी करने से पहले लड़के की कुंडली जरूर देखता है। ऐसा नहीं है कि ये करना चारो तरफ जरूरी हो। हालांकि, देश के तमाम ऐसे हिस्से हैं जहां शादी-विवाह गुण, ग्रह मैत्री, लग्न, नाड़ी, मंगल दोष व अन्य कुछ पहलुओं को ध्यान में रखकर किया जाता है।
ऐसे में बहुत सारे लोग होते हैं जो कुंडली में होने वाले मंगल दोष को लेकर भ्रम की स्थिति में रहते हैं। क्या मांगलिक लड़की की शादी नॉन मांगलिक लड़के से हो सकती है? यदि ऐसा हुआ तो इसका परिणाम क्या हो सकता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जो लोगों को परेशान करते हैं। ऐसे में आइए हम आपको शादी-विवाह के दौर में ध्यान रखे जाने वाले मांगलिक नियमों के बारे में बताते हैं। इसके साथ ही सभी सवालों का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश भी करते हैं, ताकि जानकारी हासिल करने में मदद मिल सके।
क्या मांगलिक लड़की और नॉन-मंगलिक लड़का अग्नि को साक्षी मानकर ले सकते हैं सात वचन?
इस सवाल के पुख्ता जवाब को लेकर विचारों में भिन्नता की भरमार है। ज्योतिषों की इस सवाल पर अलग-अलग राय है। बहरहाल हम जिस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं उसके तहत मांगलिक लड़की की शादी, मांगलिक लड़के से ही करनी चाहिए। दरअसल, मंगल को उग्र ग्रह माना गया है जो किसी की कुंडली में रहकर उसके जीवन को प्रभावित कर सकता है। कुंडली में मंगल दोष का होना वैवाहिक जीवन में असामंजस्य, क्रोध व अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों का कारण बन सकता है।
यही वजह है कि ज्योतिष आम तौर पर किसी भी मांगलिक लड़की की शादी, मांगलिक लड़के से ही करने की राय देते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से मंगल दोष का प्रभाव संतुलित हो जाता है। दोनों के मांगलिक होने पर उनकी ऊर्जा और आक्रामकता का स्तर समान रहता है, जिससे वैवाहिक जीवन में तालमेल बेहतर होता है। यही वजह है मंगल दोष वाले लड़की या लड़के की शादी वैसे ही जातक से की जाती है।
शादी से पहले क्या गुण मिलना है जरूरी?
लड़का या लड़की मांगलिक हों या ना हों, भारतीय परंपरा के अनुसार आम तौर पर शादियां गुण मिलाकर ही की जाती हैं। दोनों की कुंडली देखकर पता लगाया जाता है कि लड़का और लड़की की शादी कितने गुणों से बन रही है। इसमें अधिकतम 36 गुण होते हैं जिसका मिलना सर्वोत्तम माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक किसी भी शादी से पूर्व कुंडली के आधार पर लड़का और लड़की का गुण अवश्य मिलना चाहिए।
Disclaimer: यहां साझा की गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिलता है। डीएनपी इंडिया/लेखक इन बातों की सत्यता का प्रमाण नहीं प्रस्तुत करता है।






