बंगाल, असम चुनाव में विफलता के बाद Rahul Gandhi ने किस पर फोड़ा हार का ठीकरा? लोकतंत्र का जिक्र कर जनता के नाम जारी किया संदेश

Rahul Gandhi ने बंगाल और असम में कांग्रेस व टीएमसी की करारी हार को लोकतंत्र की हार बताई है। राहुल गांधी ने इस हार का ठीकरा बीजेपी पर फोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

Rahul Gandhi

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

Rahul Gandhi: देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी कांग्रेस की स्थिति लचर हो गई है। असम और बंगाल में पार्टी के उम्मीद के अनुरूप परिणाम नही मिले हैं। कांग्रेस जहां बंगाल में 2 सीटें जीत पाई, वहीं असम में राहुल गांधी की पार्टी को 19 सीटों पर संतोष करना पड़ा है। विधानसभा चुनाव 2026 में मिली इस करारी हार के बाद तमाम नेता मुखर हैं। कोई रणनीति को जिम्मेदार ठहरा रहा है, तो किसी के लिए नेतृत्व क्षमता सवालों के घेरे में है। इसी बीच राहुल गांधी की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। नेता प्रतिपक्ष ने लोकतंत्र का जिक्र करते हुए बीजेपी पर अपनी हार का ठीकरा फोड़ा है।

असम और बंगाल चुनाव में विफलता के बाद Rahul Gandhi ने फोड़ा हार का ठीकरा

रुझानों के बाद अंतिम नतीजे सामने आ चुके हैं। असम के साथ बंगाल और पुदुचेरी में एनडीए की सरकार बननी तय है।

कांग्रेस को असम और बंगाल में बंपर हार मिली है। विधानसभा चुनाव में मिली विफलता के बाद राहुल गांधी ने बीजेपी पर हार का ठीकरा फोड़ा है। राहुल गांधी लिखते हैं कि “कांग्रेस के कुछ और अन्य लोग टीएमसी की हार पर खुशी मना रहे हैं। उन्हें यह बात समझनी चाहिए कि असम और बंगाल के जनादेश की चोरी भाजपा द्वारा भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने के अपने अभियान में एक बड़ा कदम है। छोटी राजनीति को एक तरफ रख दें। यह किसी एक पार्टी या दूसरी पार्टी का मामला नहीं है। यह पूरे भारत का मामला है।” राहुल गांधी की ये प्रतिक्रिया खबरों में है।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार से उठे सवाल!

असम में 10 वर्षों से सत्ता में काबिज बीजेपी एक बार फिर सरकार बनाने में कामयाब रही है। यहां सत्ता की राह देख रही कांग्रेस को निराशा हाथ लगी है। वहीं बंगाल में भी देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को महज दो सीटें मिली हैं। पुदुचेरी और तमिलनाडु में भी कांग्रेस का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप नही रहा है। महज केरल में कांग्रेस अच्छा कर सकी है। चार राज्यों में मिली हार ने कांग्रेस के सांगठनिक प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। रणनीति में चूक और आलाकमान के रवैये पर भी सवाल उठे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इसकी समीक्षा कर क्या निष्कर्ष निकालती है।

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