Asaduddin Owaisi: बंगाल के साथ गुजरात का सियासी पारा भी हाई है। गुजरात में विधानसभा चुनाव तो नहीं हो रहे, लेकिन उससे पहले सेमीफाइनल माने जा रहे निकाय चुनाव को लेकर संग्राम छिड़ी है। इसी कड़ी में असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम भी बीजेपी के गढ़ गुजरात में अपनी किस्मत आजमा रही है।
असदुद्दीन ओवैसी इसी क्रम में गुजरात के लिंबायत पहुंचे जहां उन्होंने पार्टी उम्मीदवार के लिए प्रचार किया। इस दौरान सांसद ओवैसी ने देश के बंटवारे को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने मुसलमानों के बजाय कांग्रेस को भी विभाजन का जिम्मेदार ठहराते हुए बड़ी बात कही है जिसको लेकर सुर्खियां बन रही हैं।
देश के विभाजन को लेकर AIMIM चीफ Asaduddin Owaisi का बड़ा दावा
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात की लिंबायत से देश के विभाजन को लेकर बड़ा दावा किया है जिससे सनसनी मची है।
#WATCH | Limbayat, Gujarat | AIMIM chief and MP Asaduddin Owaisi says, “…Muslims were not responsible for the partition. Is the Congress party not among those responsible for the partition? In his book India Wins Freedom, Maulana Azad writes that he went to Gandhi and Nehru and… pic.twitter.com/Ojz2aynr8e
— ANI (@ANI) April 20, 2026
खुले मंच से ओवैसी ने कहा कि “मुसलमान इस देश के विभाजन के लिए जिम्मेदार नहीं थे। क्या कांग्रेस पार्टी विभाजन के लिए जिम्मेदार लोगों में शामिल नहीं है? हां बिल्कुल है। अपनी पुस्तक ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ में मौलाना आजाद लिखते हैं कि वे गांधी और नेहरू के पास गए और उनसे भारत को विभाजित न होने देने की अपील की थी। बावजूद इसके देश का विभाजन हुआ।”
ओवैसी के इस दावे को लेकर सनसनी मची है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी का मुखर अंदाज, उनके द्वारा देश के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की पुस्तक ‘इंडिया विन्स फ्रीडम’ का जिक्र करना। ये सब उनके समर्थकों का उत्साह बढ़ाता नजर आ रहा है। असदुद्दीन ओवैसी के इस बयान को लेकर खूब सुर्खियां भी बन रही हैं।
स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर गुजरात में चढ़ा सियासी पारा
बीजेपी का अभेद किला बन चुके गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी पारा चढ़ता नजर आ रहा है। जदरअसल, यहां 26 अप्रैल को मतदान होने हैं। प्रदेश की कुल 1,005 सीटों पर चुनावी प्रक्रिया जारी है जहां से 25 हजार से अधिक उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इसमें बीजेपी, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम समेत अन्य दलों के उम्मीदवार हैं।
26 अप्रैल को मतदान के बाद 28 अप्रैल को मतगणना होगी। इस दिन पता चलेगा कि गुजरात निकाय चुनाव में किसका जादू चला है। उससे पूर्व बयानबाजी को लेकर सियासी पारा लगातार चढ़ता नजर आ रहा है। बीजेपी के गढ़ में असदुद्दीन ओवैसी का हुंकार भरना भी सुर्खियां बटोर रहा है। गुजरात विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सेमीफाइनल माने जा रहे निकाय चुनाव में किसकी जीत होगी इस पर सबकी नजरें टिकीं हैं।






