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Asaduddin Owaisi: ‘संविधान किसी देवी-देवता के नाम से नहीं..,’ वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान सदन में क्यों भड़क उठे AIMIM चीफ? मचा हंगामा

मुखरता के साथ अपना पक्ष रखते हुए सांसद Asaduddin Owaisi ने वंदे मातरम पर लोकसभा में जारी चर्चा में सहभागिता की है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय गीत की अनिवार्यता का विरोध करते हुए तल्ख भाव में अपना पक्ष रखा है।

By: Gaurav Dixit

On: मंगलवार, दिसम्बर 9, 2025 1:12 अपराह्न

Asaduddin Owaisi
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Asaduddin Owaisi: सदन के गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। कहीं पीएम मोदी के संबोधन की चर्चा हो रही है, तो प्रियंका गांधी के शब्द चर्चाओं का विषय बने हैं। इसी बीच एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी का वक्तव्य सबका ध्यान आकर्षित कर रहा है। लोकसभा में वंदे मातरम की 150वीं बरसी पर जारी चर्चा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बेबकी से अपने हिस्से का पक्ष रखा है। सांसद ओवैसी ने बिफरे भरे भाव में कहा है कि संविधान “हम लोग” से शुरू होता है, किसी देवी-देवता के नाम से नहीं। ऐसे में देशभक्ति को किसी एक धर्म या पहचान से जोड़ना संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध है। लोकसभा में हो-हल्ला के बीच सांसद ओवैसी की ये प्रतिक्रिया खास सुर्खियों में है।

वंदे मातरम पर चर्चा के दौरान सदन में क्यों भड़क उठे Asaduddin Owaisi?

लोकसभा में गहमा-गहमी के बीच सभी सांसद अपने-अपने हिस्से का पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान अपनी बारी आने पर असदुद्दीन ओवैसी भी उठे और हो-हल्ला देख भड़क उठे।

सांसद ओवैसी ने सदन के पटल पर कहा कि “देशभक्ति को किसी एक धर्म या पहचान से जोड़ना संवैधानिक सिद्धांतों के विरुद्ध है और इससे सामाजिक विभाजन बढ़ेगा। संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार प्रदान करता है और इस अधिकार को किसी भी धार्मिक पहचान या प्रतीक से नहीं जोड़ा जा सकता। संविधान “हम लोग” से शुरू होता है, न कि किसी देवी-देवता के नाम से।” सांसद असदुद्दीन ओवैसी की ये टिप्पणी लगातार सुर्खियों में है।

लोकसभा में सांसद असदुद्दीन ओवैसी का शायराना अंदाज!

बिफरते हुए अपना पक्ष रखने के बाद असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में शायराना अंदाज अपनाते हुए मुखरता से बात रखी। सांसद ओवैसी ने वंदे मातरम पर चर्चा में सहभागिता दर्शाते हुए कहा कि “मेरे मजहब की बुनियादी तालीम तौहीद है, अल्लाह के सिवा हमारा कोई खुदा नहीं है।” इससे इतर उन्होंने वंदे मातरम की अनिवार्यता पर आपत्ति जताते हुए कहा कि “हम माँ की ईबादत नहीं करते, हम केवल अल्लाह की ईबादत करते हैं।” इसी तर्क के आधार पर असदुद्दीन ओवैसी समेत तमाम अन्य नेता राष्ट्रीय गीत की अनिवार्यता का विरोध कर रहे हैं।

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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