Bengal Elections 2026: तल्ख बयानबाजी के साथ आरोप-प्रत्यारोप का दौर इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि चुनावी तारीख नजदीक आ चुकी है। यहां बात पश्चिम बंगाल के संदर्भ में हो रही है जहां 2011 से लगातार ममता बनर्जी की टीएमसी सत्ता में है। 2011 से 2026 का दौर आ चुका है और ममता बनर्जी फिर सत्ता पर मजबूत पकड़ बनाना चाहती हैं।
इसी क्रम में उन्होंने एसआईआर को लेकर चुनाव आयोग पर मुखरता से हमला बोला है। हालांकि, अब बारी उनके झटका खाने की है और सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगा दी है। बंगाल चुनाव 2026 की तैयारियों के बीच मालदा में एसआईआर करा रहे अधिकारियों पर हमला हुआ। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा कर काननू व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
SIR करा रहे अधिकारियों पर हमले के बाद सुप्रीम कोर्ट की फटकार
बंगाल के मालदा जिले में एसआईआर के दौरान अधिकारियों पर पथराव और लाठी से हुए हमलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त है। कोर्ट के निर्देश पर ही करीब 50 लाख लोगों की आपत्तियों और दावों की जांच करने का काम जिला और सेशन जज कर रहे हैं। इसी टीम पर मालदा में बीते कल हमला हुआ और स्थिति नाजुक हो गई।
जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचौली की बेंच ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए बंगाल सरकार को फटकार लगा दी है। कोर्ट ने चुनाव आयोग को निर्देशित किया है कि अधिकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और आवश्यकतानुसार केंद्रीय बलों को तैनात करें। कोर्ट ने मालदा में हुए हमले को ममता सरकार की नाकामी माना है।
कोलकाता से मुर्शिदाबाद, बर्धमान तक Bengal Elections 2026 की तैयारियां!
मालदा के साथ मुर्शिदाबाद, बर्धमान, कोलकाता, साउथ परगना समेत बंगाल के सभी 30 जिलों की 294 विधानसभा सीटों पर चुनावी तैयारी जारी है। यहां 23 अप्रैल को पहला चरण, तो 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा। 4 मई को असम, तमिलनाडु, केरलम, पुदुचेरी के साथ बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के भी नतीजे घोषित किए जाएंगे।
विधानसभा चुनाव को लेकर बंगाल में तैयारी का दौर जारी है। एक ओर टीएमसी लगातार चौथी बार राज्य की सत्ता में वापसी की हुंकार भर रही है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ममता बनर्जी का प्रभुत्व खत्म कर बंगाल का किला फतह करना चाहती है। कांग्रेस, वाम दल, एआईएमआईएम और हुमायूं कबीर की पार्टी भी अपनी किस्मत अजमा रहे हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि बंगाल में सत्ता के शीर्ष तक कौन पहुंच पाता है।
