Amit Shah: राज्यसभा में भारी बवाल के बीच मल्लिकार्जुन खरगे की विशेष मांग, उपराष्ट्रपति ने किरन रिजिजू को दिए सख्त निर्देश, समझे इसके मायने

Amit Shah: संसद का मानूसन सत्र जारी है, दोनों ही सदनों में लगातार गृह मंत्री को लेकर विपक्ष की तरफ से हंगामा किया जा रहा है।

Amit Shah

फाइल फोटो

Amit Shah: संसद का मानूसन सत्र जारी है, दोनों ही सदनों में लगातार विपक्ष की तरफ से हंगामा किया जा रहा है। इसी बीच बीते दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठा रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जी को राज्यसभा में आकर बयान देना चाहिए।

गौरतलब है कि बीते कई दिनों से इसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। वहीं अब राज्यसभा अध्यक्ष सी. पी. राधाकृष्णन ने केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू को खास निर्देश दिया है।चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कर दी विशेष मांग

मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “हम चाहते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आएं और हमें बताएं कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। हम इस मामले पर उनसे बयान की मांग कर रहे हैं। उन्हें बयान देने से कौन रोक रहा है? यह सिर्फ़ उनका अहंकार हो सकता है।

या तो वे डरे हुए हैं या फिर संसद के अस्तित्व को नहीं मानते। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि उन्हें सदन में आकर बयान देना चाहिए। हमने आज राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया और इस पर जवाब भी मांगा। आज भी वे बयान देने के लिए तैयार नहीं हुए। हमारे राज्यसभा सांसदों ने आज चेयरमैन से मुलाकात की और उनसे कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री माफी मांगें और केंद्रीय गृह मंत्री सदन में बयान दें”।

राज्यसभा अध्यक्ष ने किरन रिजिजू को दिया खास निर्देश

विपक्ष के सांसदों से मुलाकात के बाद राज्यसभा अध्यक्ष सी. पी. राधाकृष्णन ने किरन रिजिजू को कहा कि “अब मैं आपसे खरगे के अनुरोध पर विचार करने का आग्रह करता हूँ। उन्होंने गृह मंत्री से सदन में आने का अनुरोध किया था। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर, आप विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुँचा सकते हैं।

वहीं बीते दिन मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा था कि एफसीआरए विधेयक 12 अगस्त को पेश किया जा सकता है। गौरतलब है कि उनका यह बयान दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद आया है। माना जा रहा है कि इस बिल के दौरान गृह मंत्री सदन में बयान दे सकते है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे लेकर अभी पुष्टि नहीं की गई है।

 

 

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