Amit Shah: संसद का मानूसन सत्र जारी है, दोनों ही सदनों में लगातार विपक्ष की तरफ से हंगामा किया जा रहा है। इसी बीच बीते दिन कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठा रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि गृह मंत्री जी को राज्यसभा में आकर बयान देना चाहिए।
गौरतलब है कि बीते कई दिनों से इसे लेकर विपक्ष सरकार पर हमलावर नजर आ रहा है। वहीं अब राज्यसभा अध्यक्ष सी. पी. राधाकृष्णन ने केंद्रीय मंत्री किरन रिजिजू को खास निर्देश दिया है।चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे कर दी विशेष मांग
मीडिया से बात करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि “हम चाहते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आएं और हमें बताएं कि छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया था। हम इस मामले पर उनसे बयान की मांग कर रहे हैं। उन्हें बयान देने से कौन रोक रहा है? यह सिर्फ़ उनका अहंकार हो सकता है।
#WATCH | Delhi | Congress President Mallikarjun Kharge says, “We want the Union Home Minister to come to the House and tell us who ordered the lathi-charge and the use of pellet guns on students. We have been asking for a statement from him on this. What is preventing him from… pic.twitter.com/m8pCeZiYJs
— ANI (@ANI) August 6, 2026
या तो वे डरे हुए हैं या फिर संसद के अस्तित्व को नहीं मानते। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि उन्हें सदन में आकर बयान देना चाहिए। हमने आज राज्यसभा में यह मुद्दा उठाया और इस पर जवाब भी मांगा। आज भी वे बयान देने के लिए तैयार नहीं हुए। हमारे राज्यसभा सांसदों ने आज चेयरमैन से मुलाकात की और उनसे कहा कि हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री माफी मांगें और केंद्रीय गृह मंत्री सदन में बयान दें”।
राज्यसभा अध्यक्ष ने किरन रिजिजू को दिया खास निर्देश
विपक्ष के सांसदों से मुलाकात के बाद राज्यसभा अध्यक्ष सी. पी. राधाकृष्णन ने किरन रिजिजू को कहा कि “अब मैं आपसे खरगे के अनुरोध पर विचार करने का आग्रह करता हूँ। उन्होंने गृह मंत्री से सदन में आने का अनुरोध किया था। संसदीय कार्य मंत्री के तौर पर, आप विपक्ष की भावनाओं को गृह मंत्री तक पहुँचा सकते हैं।
वहीं बीते दिन मिज़ोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने कहा था कि एफसीआरए विधेयक 12 अगस्त को पेश किया जा सकता है। गौरतलब है कि उनका यह बयान दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद आया है। माना जा रहा है कि इस बिल के दौरान गृह मंत्री सदन में बयान दे सकते है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे लेकर अभी पुष्टि नहीं की गई है।







