Annamalai: धरातल पर अपनी पैठ मजबूत करने को बेताब बीजेपी तमिलनाडु में जमकर रणनीति बना रही है। आरएसएस भी दक्षिण के इस अभेद किला को फतह करने के लिए समीकरण साध रहा है। एआईएडीएमके संग बीजेपी ने गठबंधन कर सीएम एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले गठबंधन के समक्ष सधी चाल भी चल दी है। इसी बीच बीजेपी के स्टार नेता अन्नामलाई ने अपनी पार्टी को करारा झटका दिया है।
निजी कारणों का हवाला देते हुए अन्नामलाई ने पार्टी नेतृत्व से अनुरोध किया है कि उन्हें 6 विधानसभा के चुनाव प्रभारी की जिम्मेदारी से हटा लिया जाए। अन्नामलाई के इस कदम का क्या असर होगा? क्या अन्नामलाई का कदम चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकता है? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।
चुनावी संग्राम से पहले बीजेपी नेता Annamalai ने खींचे कदम!
नौकरी छोड़कर 2020 में बीजेपी से जुड़े अन्नामलाई की तमिलनाडु में अच्छी पैठ है। चेन्नई से लेकर कोयंबटूर, मदुरै, तिरुचिरापल्ली, वेल्लोर व अन्य इलाकों में उनके हजारों समर्थक हैं। ऐसे में जहां विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अन्नामलाई को सक्रियता बढ़ाना चाहिए। वहां उन्होंने अपने पिता के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए खुद को जिम्मेदारियों से मुक्त करनी की मांग की है।
अन्नामलाई ने तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन से अनुरोध किया है कि उन्हें 6 विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव प्रभारी पद से हटा दिया जाए। अन्नामलाई के मुताबिक उनके पिता डायलेसिस पर हैं। अन्नामलाई अब अपने पिता के साथ कोयंबटूर में पूरा समय व्यतीत करना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने खुद को पदमुक्त करने की अपील की है। अन्नामलाई के इस मांग को बीजेपी के लिए करारा झटका माना जा रहा है, जो तमिलनाडु फतह करने का सपना लिए बैठी है।
स्टार नेता अन्नामलाई के कदम खींचने का क्या होगा असर?
इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है जो चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ ही पता चल सकेगा। अन्नामलाई तमिलनाडु बीजेपी के बड़े चेहरे हैं। कर्नाटक के शिवमोगा से लेकर उडुपी, चिकमगलुरु, रामनगरा और बेंगलुरु साउथ जैसे शहरों में नियुक्ति लेकर नौकरी कर चुके अन्नामलाई की एक फैन फॉलोइंग है। ऐसे में उनका यूं औचक राजनीति से दूरी बनाकर, परिवार को प्राथमिकता देना कई सवालों को जन्म दे रहा है।
अन्नामलाई के इस कदम का असर क्या होगा ये आने वाला समय बताएगा। लेकिन ये तय है कि अन्नामलाई की चर्चा तमिलनाडु से इतर देश के विभिन्न हिस्सों में जारी रहेगी। उन्होंने खुद को पदमुक्त किए जाने की मांग की है। हालांकि, ये नहीं स्पष्ट किया है कि वे तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार करेंगे या नहीं। यदि अन्नामलाई ने विधानसभा चुनाव से दूरी बनाई, तो समीकरण दिलचस्प होगा और बीजेपी के प्रदर्शन पर इसका असर पड़ सकता है।
