Anurag Dhanda: आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय पर तंज कसा है। दरअसल अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर किया था। जिसमे उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय पर तंज कसा है। दरअसल अमित मालवीय ने एक वीडियो शेयर किया था। जिसमे उन्होंने कहा कि शिक्षा पर अरविंद केजरीवाल का हालिया भाषण वही पुराना तरीका है।
विज्ञापन पर खूब खर्च करना, कुछ चुनिंदा प्रोजेक्ट्स को दिखाना और फिर किसी खास मामले को आम बात की तरह पेश करना। यह कोई शिक्षा मॉडल नहीं है। यह लोगों की सोच को प्रभावित करने (परसेप्शन-मैनेजमेंट) का मॉडल है। इसी पर वीडियो शेयर करते हुए Anurag Dhanda ने तंज कसा है।
Anurag Dhanda का बीजेपी नेता अमित मालवीय पर तंज
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “भाई तू ज़्यादा टेंशन मत ले। मुझे पता है जबसे लात मारके निकाले गये हो, परेशान हो।
भाई तू ज़्यादा टेंशन मत ले। मुझे पता है जबसे लात मारके निकाले गये हो, परेशान हो।
लोग पंजाब के शानदार स्कूलों के विडियो बना बनाकर पोस्ट कर रहे हैं तो हम क्या करें?
लो ये वाला देखो आज ही सोशल मीडिया पर मिला। https://t.co/aGRFQyHU7d pic.twitter.com/WjFg7577NG
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) August 22, 2026
लोग पंजाब के शानदार स्कूलों के विडियो बना बनाकर पोस्ट कर रहे हैं तो हम क्या करें? लो ये वाला देखो आज ही सोशल मीडिया पर मिला”। गौरतलब है कि ढांडा लगातार बीजेपी पर तंज कसते हुए आ रहे है।
अमित मालवीय ने ट्वीट कर दी थी जानकारी
पंजाब सरकार की तरफ से स्कूलों का कायाकल्प किया जा रहा है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। इससे लाखों छात्रों को फायदा पहुंचा है। वहीं अमित मालवीय ने अपने ट्वीट में लिखा था कि हो सकता है कि “पंजाब ने कुछ बुनियादी पैमानों पर सुधार किया हो, लेकिन राज्य अभी भी गंभीर ढांचागत समस्याओं का सामना कर रहा है। हज़ारों शिक्षकों के पद खाली हैं,
Arvind Kejriwal’s latest sermon on education is the same old playbook: spend heavily on advertising, showcase a few isolated projects and then sell the exception as the norm.
That is not an education model. It is a perception-management model.
Delhi saw it first. A handful of… https://t.co/0HehD69tSb
— Amit Malviya (@amitmalviya) August 22, 2026
सैकड़ों इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट अटके हुए हैं, कई गांवों में स्कूल नहीं हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने हायर-सेकेंडरी में दाखिले के अनुपात को “चिंताजनक” बताया है। इसकी तुलना बीजेपी के नज़रिए से करें। बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाना, शिक्षकों को मज़बूत करना, टेक्नोलॉजी लाना और सीखने के नतीजों को मापना न कि कुछ दिखावटी स्कूलों के आस-पास कोई मिथक गढ़ना”। जिसके लेकर आप नेता ढांडा ने जोरदार तंज कसा है।
