Anurag Dhanda: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत में भी इसका असर देखने को मिल रहा है। जिसने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। मालूम हो कि पीएम मोदी ने कुछ दिन पहले ही देशवासियों से कुछ अपील की थी, जिसमे पेट्रोल-डीजल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करना, एक साल तक सोने की खरीदारी नहीं करना और विदेश यात्रा पर भी ना जाने की सलाह दी थी। वहीं अब एक और खबर सामने आ रही है, जिसने सबको चौंका दिया है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत के केंद्रीय बैंक ने ईरान युद्ध के व्यापक दुष्परिणामों से अपनी विदेशी मुद्रा संपत्तियों को बचाने के लिए अपने सोने के भंडार का एक हिस्सा बेच दिया है। वहीं अब इस आर्टिकल के साथ आप के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी Anurag Dhanda ने ट्वीट किया है, साथ ही केंद्र सरकार पर भी तंज कसा है।
Anurag Dhanda ने केंद्र सरकार पर कसा तंज
बता दें कि आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “भारत ने इतिहास में किसी भी emergency में, यहां तक की युद्ध के समय भी सोना नहीं बेचा।
भारत ने इतिहास में किसी भी emergency में, यहां तक की युद्ध के समय भी सोना नहीं बेचा।
पता नहीं झोलाछाप देश को किस हालत में पहुँचाएगा? https://t.co/yuJJj0k809
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) June 3, 2026
पता नहीं झोलाछाप देश को किस हालत में पहुँचाएगा”? दरअसलब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय रिज़र्व बैंक ने 22 मई को समाप्त हुए दो सप्ताहों के दौरान लगभग 12 अरब डॉलर मूल्य के सोने के भंडार बेचे, जबकि 7.5 अरब डॉलर मूल्य की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियाँ खरीदीं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि विदेशी मुद्रा बाजार में आरबीआई की कार्रवाई से रुपये को मजबूती मिली है, जिससे 20 मई से लेकर अब तक यह अधिकांश एशियाई मुद्राओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहा है।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है गोल्ड रिजर्व?
गोल्ड रिजर्व किसी भी देश की वित्तीय स्थिरता और आर्थिक विश्वसनीयता का अहम हिस्सा माना जाता है। वैश्विक आर्थिक संकट, मुद्रा अस्थिरता या भू-राजनीतिक तनाव के दौरान सोना सुरक्षित संपत्ति के रूप में काम करता है।
इसी वजह से दुनिया के अधिकांश केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार को लगातार मजबूत करने पर जोर देते हैं। भारत भी पिछले कुछ वर्षों में बड़े पैमाने पर सोने की खरीद करता रहा है।
