Aamir Khan: अपने जमाने में एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्म देने वाले एक्टर जो सोशल मीडिया से अनजान है और शायद मार्केटिंग ट्रेंड बदलने की वजह से वह इस कदर खुद को यहां सेट नहीं कर पाए। उम्मीद है कि एक बार फिर से धमाकेदार वापसी कर सकते हैं। आमिर खान ने हाल ही में अपने बेटे जुनैद खान और साईं पल्लवी को प्रोडक्शन में बनने वाली फिल्म एक दिन के लिए कास्ट किया था लेकिन इस फिल्म ने उसे कदर कमाल नहीं दिखाया। इस सब के बीच आमिर खान ने इस बात को माना है कि मार्केटिंग ट्रेंड्स बदल रहे हैं। आइए जानते हैं आखिर मिस्टर परफेक्निस्ट ने क्या कहा है।
सोशल मीडिया से क्यों खुद को Aamir Khan ने कहा दूर
Glad to see #AamirKhan admitting in his LATEST interview EXACTLY what I had observed a few days ago.
He’s confessing that he’s TOTALLY out of sync with Marketing trends in the post-pandemic world & doesn’t understand social media at all.
Realisation of the first step towards… https://t.co/tRkEwx1zAg pic.twitter.com/rk5X5a6XML
— Navneet Mundhra (@navneet_mundhra) May 17, 2026
हाल ही में मीडिया इंटरव्यू में बात करते हुए आमिर खान ने कहा मुझे बस ऐसा लगता है कि पिछले कुछ सालों में चीज़ें बहुत बदल गई हैं। आप जानते हैं, खासकर सोशल मीडिया के आने से मैं ऐसा इंसान हूं जिसे यह दुनिया बिल्कुल समझ नहीं आती। मैं पूरी तरह से अजनबी हूं। आप जानते हैं मैं इस दुनिया का हिस्सा नहीं हूं। इसलिए मुझे नहीं पता कि कैसे।
मार्केटिंग को क्यों आमिर खान ने कहा मुश्किल
आमिर खान ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि पहले मार्केटिंग करना बहुत आसान था क्योंकि आपके पास टेलीविज़न चैनल होते थे और आपको पता होता था कि लोग टीवी देख रहे हैं। वे कुछ खास चीज़ें देख रहे हैं और जहां लोग इकट्ठा होते थे, वहीं जाकर आप अपनी मार्केटिंग करते थे ताकि लोग उसे अनुभव कर सकें। लेकिन आज, यह जानना बहुत मुश्किल है कि लोग कहां हैं। आप जानते हैं, वे ज़्यादातर वाट्सएप पर होते हैं और बहुत बिखरे हुए होते हैं अलग-अलग जगहों पर। बहुत सारे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म आ गए हैं। इसलिए मेरे हिसाब से यह काम अब कहीं ज़्यादा मुश्किल हो गया है।”
पहले कैसे आमिर खान करते थे मार्केटिंग
इसके साथ ही आमिर खान ने आगे कहा, “मुझे याद है जब कयामत से कयामत तक रिलीज़ हुई थी तब पूरे देश में सिर्फ़ एक ही चैनल था दूरदर्शन। और हमारी मार्केटिंग का तरीका यह था कि हमारे पास चार गाने थे। उस समय छाया गीत और चित्रहार नाम के दो प्रोग्राम आते थे शुरुआत में यह ‘छाया गीत’ था जो बाद में ‘चित्रहार’ बन गया। उस समय उन्होंने प्रोड्यूसर्स के लिए इन प्रोग्राम्स में अपने गाने बुक करने की सुविधा शुरू की थी। इसलिए हमने अपने चारों गाने बुक कर लिए थे हर गुरुवार को एक गाना आता था। इस तरह हमारी पूरी मार्केटिंग सिर्फ़ चार गानों और चार गुरुवारों में ही पूरी हो गई थी।”
खुद को इस तरह से बदल रहे हैं आमिर खान
आमिर खान ने आगे कहा कि “आज के ज़माने में मुझे नहीं पता कि कितने लोगों ने मेरी मार्केटिंग का अनुभव किया है। आज के समय में, यह काम और भी ज़्यादा पेचीदा होता जा रहा है। मुझे लगता है कि इस बारे में पूछने के लिए मैं शायद सबसे गलत इंसान हूं क्योंकि इस मामले में मेरा ज्ञान बिल्कुल शून्य है। इसलिए मैं भी यह सीखने और समझने की कोशिश कर रहा हूं कि आज के इस नए, बंटे हुए और बहुत ही बिखरे हुए दर्शकों के बीच मार्केटिंग कैसे की जाती है।”
वर्कफ्रंट की बात करें तो आमिर खान के प्रोडक्शन में एक दिन रिलीज हुई है तो वहीं उनकी पाइपलाइन में 3 ईडियट्स का सीक्वल और लाहौर 1947 में भी वह नजर आने वाले हैं।
