Anurag Dhanda: 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली थी। बता दें कि बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी संसद मार्च में हिस्सा लेने के लिए पहुंच थे। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प देखने मिला था।
जिसके बाद सवाल खड़े हो रहे थे कि नेताओं के बच्चे इस प्रोस्टेट में शामिल क्यों नहीं हुए। इसी सवाल का जवाब देने के लिए Anurag Dhanda ने एक वीडिया शेयर किया और ट्वीट कर विपक्ष और कांग्रेस पर कटाक्ष किया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
Anurag Dhanda ने वीडियो शेयर कर कांग्रेस, बीजेपी पर कसा तंज
आप नेता Anurag Dhanda ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्मएक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “जो पूछ रहे थे कि आम आदमी पार्टी वालों के बच्चे प्रदर्शन में थे क्या?
जो पूछ रहे थे कि आम आदमी पार्टी वालों के बच्चे प्रदर्शन में थे क्या?
ये AAP सांसद संजय सिंह की बेटी है जो तानाशाह मोदी की tear gas झेल रही है बाक़ी बच्चों के साथ।
अरविंद केजरीवाल के भी दोनों बच्चे प्रदर्शन में शामिल थे।
ये न बीजेपी है, न कांग्रेस है….ये आम आदमी पार्टी है। https://t.co/jcAqt4wWHz
— Anurag Dhanda (@anuragdhanda) July 21, 2026
ये AAP सांसद संजय सिंह की बेटी है जो तानाशाह मोदी की tear gas झेल रही है बाक़ी बच्चों के साथ। अरविंद केजरीवाल के भी दोनों बच्चे प्रदर्शन में शामिल थे। ये न बीजेपी है, न कांग्रेस है। ये आम आदमी पार्टी है”। वहीं आप की तरफ से यह भी दावा किया जा रहा है कि दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल के बच्चे भी इस आंदोलन में शामिल थे।
आंदोलन को लेकर क्या बोले आप नेता
Anurag Dhanda ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “मुझे नहीं लगता कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक पार्टी ने शुरू किया है। यह छात्रों का आंदोलन है और देश भर के छात्र अपने मुद्दे को लेकर एकजुट हुए हैं। यह मीडिया द्वारा खड़ा किया गया आंदोलन भी नहीं है। मीडिया ने लगभग एक महीने तक इसे कवर नहीं किया और सरकार भी नहीं चाहती थी कि यह आंदोलन हो।
Delhi: AAP leader Anurag Dhanda says, “I don’t think this movement has been driven by any political party. It is a students’ movement, and students from across the country have united over their issue. This is not a media-created movement either. The media did not cover it for… pic.twitter.com/ujIYbDpwW7
— IANS (@ians_india) July 22, 2026
फिर भी, यह अपने आप आगे बढ़ा है। जो कोई भी इसका समर्थन करना चाहता है – जिसमें सभी राजनीतिक पार्टियां भी शामिल हैं – उसे छात्रों के साथ खड़ा होना चाहिए और उनकी मांगों का समर्थन करना चाहिए।”







