बंगाल पहुंचने से पहले संसद परिसर में Rahul Gandhi से कुछ यूं मिले पीएम मोदी! वीडियो देख यूजर्स को याद आई राजनीतिक शिष्टाचार

संसद परिसर में आज Rahul Gandhi और पीएम मोदी के बीच खास मुलाकात हुई है। आम तौर पर संसद में एक-दूसरे के खिलाफ हमलावर रहने वाले नेताओं की इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियों में है। इसको लेकर खूब खबरें बन रही हैं।

Rahul Gandhi

Picture Credit: सोशल मीडिया (संसद परिसर में राहुल गांधी-पीएम मोदी)

Rahul Gandhi: बंगाल में सियासी घमासान जोरों पर है। इसी बीच पीएम मोदी आज पूर्व बर्धमान पहुंचे जहां उन्होंने चुनावी जनसभा को संबोधित किया। बंगाल दौरे पर पहुंचने से पहले नई दिल्ली में स्थित संसद परिसर में वो नजारा दिखा जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हो रही है। दरअसल, पीएम मोदी और राहुल गांधी आज संसद में आमने-सामने हो गए। इस दौरान प्रधानमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष से उनका कुशलक्षेम जाना। राहुल गांधी और पीएम मोदी के बीत अल्प बातचीत हुई जिससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रहा है। इस वीडियो को देख यूजर्स को राजनीतिक शिष्टाचार की याद भी आ रही है।

संसद परिसर में Rahul Gandhi और पीएम मोदी की खास मुलाकात

मौका था महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती का जब तमाम दिग्गज नेता संसद में जुटे थे। इसी दौरान पीएम मोदी-राहुल गांधी आमने-सामने हो गए।

दरअसल, पीएम मोदी जैसे ही अपनी कार से उतरे उन्होंने नेताओं का अभिवादन स्वीकार करना शुरू किया। तभी राहुल गांधी पर भी उनकी नजर पड़ी जो स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ खड़े थे। दोनों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में मुलाकात हुई और फिर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का कुशलक्षेम जाना। थोड़ी देर तक राहुल गांधी और पीएम मोदी पूरी एकाग्रता के साथ बातचीत करते नजर आए। इस बातचीत से जुड़ा वीडियो देख यूजर्स को राजनीतिक शिष्टाचार की याद आ रही है। तमाम मतभेद के बावजूद नेताओं का ऐसा मिलना लोकतंत्र के लिए बेहद सुखद तस्वीर है।

बंगाल में चुनावी जनसभा संबोधित कर विपक्ष पर हमलावर हुए प्रधानमंत्री 

दिल्ली से बंगाल के लिए देर दोपहर में रवाना हुए पीएम मोदी ने आज पूर्व बर्धमान और दक्षिण दीनाजपुर में चुनावी जनसभा संबोधित किया है।

इस दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष को निशाने पर लिया है। बर्धमान में पीएम मोदी ने टीएमसी पर घुसपैठियों को शरण देने का आरोप लगाया। वहीं दक्षिण दीनाजपुर में पीएम मोदी ने कहा कि “अगर टीएमसी ने 15 वर्षों में कुछ नहीं किया, तो क्या इन्हें और 5 वर्ष देकर कुछ हासिल होगा? इन्होंने बंगाल को कौन सा विकास मॉडल दिया है? ये लोग इन 15 वर्षों की बात नहीं करते क्योंकि तब टीएमसी के झूठ, धोखे और कुकर्मों का पर्दाफाश हो जाएगा। यहां सरकार सिंडिकेट है और सिंडिकेट ही सरकार है।”

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