Bengal Assembly Election 2026: पोलिंग बूथों पर मतदाताओं की कतारों ने सियासी टिप्पणीकारों को चौंका दिया है। बंगाल की सियासत पर नजर रखने वाले तमाम विशेषज्ञ हैरान हैं। शाम 5 बजे तक 89.93 फीसदी मतदाताओं का वोट डालना सभी को चौंका रहा है। बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हुई बंपर वोटिंग के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। कोई इसे सत्ता के खिलाफ एंटी इनकंबेंसी बता रहा है, तो कोई ममता बनर्जी के लिए बंपर वोटिंग को लाभदायक बताने पर तुला है। इस बीच सवाल उठ रहे हैं कि 152 विधानसभा सीटों पर हुए बंपर मतदान का नफा या नुकसान किसे हो सकता है?
पहले चरण में बंपर मतदान ने विशेषज्ञों को चौंकाया!
सियासी विशेषज्ञ बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान देख हैरान हैं। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों की मानें तो बंगाल की सभी 152 विधानसभा सीटों पर कुल 89.93 फीसदी वोटिंग हुई है। कई बूथों पर मतदान अभी जारी है। ऐसे में पोलिंग बढ़ने की संभावना है। 90 फीसदी के आसपास हुए मतदान ने सभी को चौंकाया है। विशेषज्ञ इस बात का अंदाजा भी नहीं लगा पा रहे कि मतदाता एंटी इनकंबेंसी को भुना रहे हैं, या ममता बनर्जी की योजनाएं उनको अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। बंपर वोट प्रतिशत के लिए एसआईआर को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।
TMC या BJP, किसके सिर सजेगा सत्ता का ताज?
इस सवाल का पुख्ता जवाब 4 मई को चुनावी नतीजों की घोषणा के साथ स्पष्ट होगा। दरअसल, बंगाल में आज पहले चरण में 152 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ है। शेष 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होना। पहले चरण में मतदाताओं के उत्साह ने सभी को चौंका दिया है। शाम 5 बजे तक 89.93 फीसदी वोटिंग कई संभावनाओं की ओर इशारा कर रही है। यदि एंटी इनकंबेंसी पर मतदान हुआ, तो बीजेपी का सत्ता में आना तय है। वहीं अगर लोगों को ममता बनर्जी का 15 वर्ष का कार्यकाल पसंद आया, तो टीएमसी के सिर सत्ता का ताज सजेगा। 4 मई को नतीजों की घोषणा के साथ ही सभी सवालों का जवाब मिलेगा।






