Mamata Banerjee: एक दौर था जब मुर्शिदाबाद से लेकर मालदा, नादिया, बीरभूम समेत बंगाल के अन्य तमाम जनपदों में हुमायूं कबीर अपनी नेत्री ममता बनर्जी के लिए काम करते थे। हालांकि, समय के साथ समीकरण बदल गए और अब ममता बनर्जी के शागिर्द रहे हुमायूं कबीर ने बगावती रुख अपना लिया। मुर्शिदाबाद में बाबरी जैसी नई मस्जिद का नींव डालने वाले हुमायूं कबीर ने अब IPAC प्रकरण को लेकर भी बंगाल सीएम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बागी तेवर में विधायक ने आईपैक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
एक कार्यक्रम के दौरान हुमायूं कबीर ने कहा कि नेता जनता के भरोसे राजनीति करते हैं, जबकि आईपैक पैसे वसूलने का काम करता है। ये वही IPAC है जिसको लेकर प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी हुई और ममता बनर्जी खुलकर केन्द्र का विरोध करती नजर आईं। ऐसे में जहां एक ओर ममता बनर्जी पूरी मजबूती से आईपैक का बचाव कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर हुमायूं कबीर ने गंभीर आरोप लगाकर टीएमसी को घेर लिया है। इसको लेकर बंगाल का सियासी पारा हाई है और चर्चाओं का दौर शुरू है।
हुमायूं कबीर के गंभीर आरोपों से बढ़ी सीएम Mamata Banerjee की मुश्किलें
कभी ममता बनर्जी के शागिर्द रहे हुमायूं कबीर अब उन्हीं के खिलाफ हुंकार भर रहे हैं। ताजा प्रकरण IPAC छापेमारी से जुड़ा है जिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए हुमायूं कबीर ने बंगाल सीएम की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हुमायूं कबीर ने कहा कि पहले भी उन्होंने पार्टी के अंदर आईपैक के खिलाफ आवाज उठायी, तो उनका विरोध किया गया।
उनका कहना है कि नेता जनता के भरोसे राजनीति करते हैं, जबकि आईपैक पैसे वसूलने का काम करता है। हुमायूं कबीर उसी IPAC पर आरोप लगा रहे हैं, जिसके बचाव में ममता बनर्जी सड़कों पर उतरी हैं। यही वजह है कि बंगाल सीएम की मुश्किलें बढ़ने का दावा किया जा रहा है। अब देखना दिलचस्प होगा कि बगावती रुख धारण किए हुए कबीर आगे और क्या करते हैं।
IPAC प्रकरण को लेकर घिरी टीएमसी
बंगाल की सत्तारुढ़ दल टीएमसी आईपैक प्रकरण को लेकर बुरा फंसती नजर आ रही है। जहां एक ओर ईडी ने छापेमारी प्रकरण में दखल का हवाला देकर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं दूसरी ओर राज्य में बीजेपी मुखरता के साथ टीएमसी को घेर रही है। आईपैक चीफ प्रतीक जैन टीएमसी आईटी सेल के हेड भी हैं। आईपैक टीएमसी के लिए रणनीति बनाने से लेकर अन्य तमाम सियासी घटनाक्रमों को नियंत्रित करती हैं। लिहाजा इस कंपनी पर छापेमारी के बाद टीएमसी और ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ने की बात कही जा रही है।
