BRICS summit 2026: ग्लोबल मेहमानों की प्लेट से नॉन-वेज गायब हुआ तो तिलमिला उठे विरोधी नेता, पॉलिटिक्स पर संजीव कपूर ने दिया करारा जवाब

BRICS Summit 2026: अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों को सिर्फ वेजीटेरियन खाना परोसा गया और इस पर विरोधी लगातार हमलावर है और ऐसे में सेलिब्रिटी सेफ संजीव कपूर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है।

BRICS Summit 2026

Photo Credit- Google BRICS Summit 2026

BRICS Summit 2026: अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों को शाकाहारी भोजन परोसा गया! जी हां ब्रिक्स 2026 का मेन्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जहां पहले सिर्फ पोहा और साधारण भारतीय खाने को देखा गया। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। हालांकि बाद में इस दावे को विदेश मंत्रालय ने पूरी तरह से फर्जी करार देते हुए कहा कि यह इंटरनेशनल मीडिया सेंटर में रखा गया था। यह देश-विदेश सेआए पत्रकारों के लिए तैयार किया गया था। वहीं वेज खाने को लेकर पॉलिटिक्स जारी दिखा तब संजीव कपूर ने इस पर करारा जवाब दिया है।

अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों के लिए क्या की गई थी खास व्यवस्था

रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिक्स सम्मिट 2026 में विदेशी मेहमानों के मेन्यू में अलग-अलग तरह की भारतीय रोटियां, सब्जियों वाला पुलाव,पेन्ने पास्ता और वेजिटेबल हक्का नूडल्स जैसे विकल्प थे.कुंग पाओ वेजिटेबल्स, बेक्ड वेजिटेबल ऑ ग्रेटिन, पर्ल मिलेट यानी बाजरे के साथ हरी बीन्स और शिमला मिर्च का सलाद, मक्कई लेहसुनी पालक, राजमा रसिला पनीर लबाबदार दाल पंचमेल जैसे भोजन शामिल किए गए। इसके साथ ही यह भी बताया गया कि तंदूरी रोटी, राजमा डिश को भी जापानी अंदाज में शामिल किया गया।

संजीव कपूर ने BRICS Summit 2026 नॉनवेज विवाद पर दिया जवाब

विपक्ष के नेताओं ने जब अंतर्राष्ट्रीय मेहमानों के लिए नॉनवेज का विकल्प न होने पर सवाल उठाए तब इस पर भारतीय शेफ संजीव कपूर ने आलोचना करते हुए कहा कि वैश्विक मेहमानों को ये खाने पसंद आए। शाकाहारी व्यंजनों का खुलकर उन्होंने स्वाद लिया और इस तरह का हंगामा पूरी तरह से अनावश्यक है जिसकी कोई जरूरत नहीं है। जिसके लिए खाना बनाया गया उन्होंने इसे काफी अच्छे से लुत्फ उठाया है।

 

कांग्रेस ने इस तरह मारा ताना

दरअसल पवन खेरा ने ब्रिक्स सम्मिट 2026 की मेनू को लेकर कहा था कि BJP की अपनी खाने की पसंद को साथी भारतीयों पर थोपने की आदत पहले से ही बहुत बड़ी समस्या है। अब, उन्होंने दुनिया भर के बड़े लोगों पर अपनी पसंद थोपकर इसे और आगे बढ़ा दिया है। भारत एक अमीर, अलग-अलग तरह का, कई तरह के खाने वाला देश है, जो कुछ बेहतरीन नॉन-वेजिटेरियन डिशेज़ का घर है, जिनका दुनिया भर के लोग मज़ा लेते हैं। तो मोदी सरकार ने भारत की संस्कृति के इस हिस्से को छिपाने का फ़ैसला क्यों किया? क्या उसे उस अलग-अलग तरह की चीज़ों पर शर्म आती है जो भारत को ऐसा बनाती है जैसा वह है?

राहुल गांधी ने भी तंज किया था और कहा था कि रिकॉर्ड के लिए: 80% भारतीय नॉन-वेजिटेरियन हैं। भारतीय नॉन-वेजिटेरियन खाना स्वादिष्ट होता है। मेरी बहन के छोले भटूरे भी।

 

फिलहाल ब्रिक्स सम्मिट 2026 में परोसे गए खाने को लेकर राजनीति जारी है।

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