कल का मौसम 14 September 2026: देश के कई हिस्सों में मानसून अभी भी सक्रिय बना हुआ है। सितंबर का लगभग आधा महीना खत्म होने के बाद भी मौसम का रौद्र रूप जारी है। मैदानी इलाकों में स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। कई राज्यों में तो आईएमडी ने बारिश, तेज तूफान का अलर्ट जारी कर दिया है। तो वहीं दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। वहीं पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बना हुआ है। चलिए आपको बताते है कि कल का मौसम 14 September 2026 कैसा रहने वाला है।
दिल्ली-एनसीआर में दिखेगा मौसम का तांडव
आईएमडी के मुताबिक दिल्ली और आसपास के इलाकों में 14 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ बारिश और गरज-चमक की संभावना है। IMD के अनुसार दिल्ली-NCR में 14 सितंबर के दौरान बारिश की गतिविधि बनी रहने की संभावना जताई गई थी। ऐसे में सोमवार को भी कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हो सकती है। बारिश के दौरान कुछ इलाकों में जलभराव, ट्रैफिक की रफ्तार धीमी होने और विजिबिलिटी प्रभावित होने जैसी परेशानी सामने आ सकती है। दिल्ली में हाल के दिनों में भी तेज बारिश के कारण कई जगहों पर जलभराव और यातायात प्रभावित हुआ है। विभाग के दिल्ली दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, राजघाट, पीतमपुरा, सफदरंजग समेत कई जगहो पर अलर्ट जारी कर दिया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश का खतरा
उत्तराखंड में मौसम 14 सितंबर को भी चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आईएमडी ने उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधि को लेकर चेतावनी दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में तेज बारिश होने पर भूस्खलन, सड़क बाधित होने और नदियों-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी का खतरा रहता है। विभाग की तरफ से 14 सितंबर के लिए ‘रेड अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी ने रूद्रप्रयाग, केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री, कर्णप्रयाग, जोशीमठ समेत कई जगहों पर बारिश के साथ भूस्खलन की चेतावनी जारी कर दी है।
बिहार में बदला मौसम का मिजाज
बिहार में मानसून की गतिविधियों में कमी होने के साथ भारी वर्षा में कमी आई है। वर्षा में कमी होने के कारण राजधानी सहित कई जिलों में तापमान में वृद्धि होने के साथ उमस का प्रभाव बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के के अनुसार, रविवार को राज्य का मौसम शुष्क बने रहने के आसार हैं। बादलों की आवाजाही के साथ उमस का प्रभाव बने रहने के साथ कई जिलों के अधिकतम तापमान में वृद्धि की संभावना है।
