क्या LPG Shortage की कमी बंगाल से असम, केरलम और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव पर डाल सकती है असर? दक्षिण में झंडा गाड़ने की तैयारी में DMK

LPG Shortage का मुद्दा क्या बंगाल से असम, तमिलनाडु, केरलम तक असर डाल सकता है? दक्षिण में डीएमके के विरोध प्रदर्शन की तैयारी के बीच ये सवाल तेजी से उठ रहे हैं।

LPG Shortage

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

LPG Shortage: अफरा-तफरी का दौर अब भी जारी है। चेहरे पर शिकन लिए लोग गैस एजेंसियों का चक्कर लगातार काट रहे हैं। ये स्थिति कमोबेश पूरे देश की है। देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी शॉर्टेज को लेकर घबराहट साफ तौर पर देखी जा रही है। इसी बीच चुनावी राज्य असम, बंगाल, केरलम और तमिलनाडु में इसको लेकर चर्चा तेज है।

इन राज्यों में इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। तमिलनाडु में सत्तारुढ़ डीएमके एलपीजी शॉर्टेज को मुद्दा बनाने की तैयारी में है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या वर्तमान हालात पश्चिम बंगाल से असम, केरलम और तमिलनाडु तक विधानसभा चुनाव पर असर डाल सकती है? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ते हुए हालिया परिस्थिति पर चर्चा करते हैं।

क्या LPG Shortage की कमी विधानसभा चुनाव 2026 पर डाल सकती है असर?

इस सवाल का पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है जो चुनावी परिणाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा। दरअसल, बंगाल के साथ असम, केरलम और तमिलनाडु में इसी वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं। इसको लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। हालांकि, एलपीजी सिलेंडर को लेकर मचे हाहाकार ने चुनावी राज्यों में समीकरण को भी प्रभावित किया है।

बंगाल में टीएमसी, तमिलनाडु में डीएमके गठबंधन, केरल में वाम दल और असम में कांग्रेस इसका जिक्र कर केन्द्र की एनडीए सरकार को घेर रही है। दरअसल, देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के अन्वेषण से लेकर उत्पादन और शोधन तक की जिम्मदारी केन्द्र सरकार की है। इसी को लेकर विभिन्न राजनीतिक दल भारत सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।

लगातार पेट्रोलियम मंत्रालय से एलपीजी शॉर्टेज के संदर्भ में सवाल पूछे जा रहे हैं। बंगाल से असम, केरलम, तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। इस अफरा-तफरी के बीच लोगों की बेचैनी साफ तौर पर देखी जा रही है। यही वजह है कि एलपीजी शॉर्टेज के चुनावी मुद्दा बनने पर चर्चाओं का दौर जारी है। हालांकि, अंतिम नतीजा क्या होगा इसके लिए सही वक्त का इंतजार करना ही एकमात्र विकल्प है।

दक्षिण में झंडा गाड़ने की तैयारी में DMK!

गैस सिलेंडर के लिए लग रही कतारें और मची अफरा-तफरी के बीच दक्षिण में डीएमके झंडा गाड़ने की तैयारी में है। बीते कल डीएमके सांसद कनिमोझी ने केन्द्र से एलपीजी शॉर्टेज का समाधान करने की मांग उठाई थी। खबरों की मानें तो डीएमके अंदरखाने तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों में इस मुद्दे को लेकर केन्द्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी कर सकती है।

यदि ऐसा हुआ तो एलपीजी शॉर्टेज का चुनावी मुद्दा बनना तय है। डीएमके के साथ कांग्रेस व अन्य कुछ क्षेत्रीय दल केन्द्र को घेरने की फिराक में जोर कस सकती हैं। बंगाल और तमिलनाडु में भी कमोबेश यही हाल है। यही वजह है कि चुनावी राज्यों में एलपीजी की किल्लत से जुड़ी हालिया स्थिति पर सबकी नजरें टिकीं हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि इसका हासिल क्या होता है।

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