Rahul Gandhi: दिल्ली में सियासी पारा सातवें आसमान पर है। धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे को लेकर लगातार विपक्ष अड़ा हुआ है। बीते कई दिनों से सीजेपी यानि कॉकरोच जनता पार्टी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर मांग कर रही है। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प देखने को मिली थी।
इसके बाद अगले शाम को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई कांग्रेस के नेताओं ने पीएम मोदी के घर के सामने धरना शुरू कर दिया था। जिसके बाद नेता प्रतिपक्ष समेत कांग्रेस नेता और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। बता दें कि Rahul Gandhi की इस एंट्री ने आप समेत कई पार्टियों की टेंशन बढ़ा दी है।
Rahul Gandhi की एंट्री से मचा बवाल
नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi बीते दिन अचानक लाइमलाइट में आ गए। पीएम मोदी के आवास से चंद मीटर दूर कांग्रेस की तरफ से धरना प्रदर्शन किया गया था। हालांकि बाद में पुलिस की तरफ से वजह जगह खाली भी कर लिया गया था। वहीं अब नेता प्रतिपक्ष ने इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “आज सुबह मैं लोकसभा स्पीकर से मिला और उनसे कहा कि हमें उस घटना पर बहस करने की इजाज़त मिलनी चाहिए जो एक दिन पहले छात्रों के साथ हुई थी। स्पीकर ने कहा कि उन्हें सरकार से इजाज़त लेनी होगी, और इससे साफ़ हो गया कि सरकार इस मुद्दे पर बहस करने में कोई दिलचस्पी नहीं रखती।
#WATCH | Lok Sabha LoP Rahul Gandhi says, “This morning I met the speaker of the Lok Sabha, and I told him that we needed to be allowed to debate what happened to the students the day before. The speaker said he needed to take permission from the government, and it became clear… pic.twitter.com/ZVrIBENDZy
— ANI (@ANI) July 21, 2026
हमने प्रधानमंत्री आवास के सामने विरोध प्रदर्शन करने और छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने का फ़ैसला किया। छात्रों की मांगें हैं, पहली, धर्मेंद्र प्रधान और गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफ़ा। दूसरी, जिन लोगों ने छात्रों के साथ मारपीट और बदसलूकी की है, उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई हो और छात्रों पर दर्ज सभी मामले वापस लिए जाएं। आख़िर में, पूरा विपक्ष चाहता है कि कल लोकसभा और राज्यसभा में इस मुद्दे पर बहस हो।”
बीजेपी की नई चाल से विपक्ष की बढ़ी चिंता
सीजेपी लगातार धर्मेंद प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी हुई है। 20 जुलाई को प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस की तरफ से भारी हिंसा देखने को मिली थी। वहीं अब इस मामले में Rahul Gandhi की एंट्री हो चुकी है। जिसके बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है कि क्या प्रोटेस्ट दो हिस्सों में बंट गया है, और क्या आने वाले समय में यह प्रोटेस्ट हल्का पड़ जाएगा।
वहीं सरकार की तरफ से जितेंद्र सिंह और स्वास्थ्य मंत्री सोनम वांगचुक से मिलने के लिए मेदांता पहुंचे। साथ ही अभी भी बड़ी संख्या में जंतर मंतर पर छात्र मौजूद है। कल देर रात भी हिंसक झड़प की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का क्या एक्शन रहने वाला है?







