Priyanka Chaturvedi: राजधानी दिल्ली से लेकर मुंबई, चेन्नई, कोलकाता समेत सभी बड़े-छोटे शहरों में महिला आरक्षण सुर्खियों में है। सदन में बीते कल महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़ा विधेयक गिरने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने मोर्चा खोल दिया है।
पहले शिवसेना यूबीटी नेत्री ने इसे देश की महिलाओं के लिए दुर्भाग्यपूर्ण बताया। हालांकि, तमाम सवाल उठने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी बीजेपी के खिलाफ मोर्चा खोलती नजर आईं। पूर्व राज्यसभा सांसद ने सवालिया अंदाज में बीजेपी को दिखावा न करने की नसीहत देते हुए गंभीर सवाल दागे हैं जिसकी चर्चा हो रही है।
महिला आरक्षण विधेयक पर बीजेपी से Priyanka Chaturvedi के सवाल!
सरकार विपक्ष को महिला विरोधी करार देते हुए आधी आबादी का हक खत्म करने की साजिश का जिक्र कर निशाना साध रही है। इसी बीच पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बीजेपी से गंभीर सवाल दागे हैं।
My question to BJP,
– Since you claim to champion nari shakti and its implementation in 2029, will you’ll voluntarily identify 180 seats of the 543 and reserve it for women as a political party in the next election cycle?
– Will you ask your alliance partners to do so too?OR…
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 18, 2026
प्रियंका चतुर्वेदी लिखती हैं कि “चूंकि आप नारी शक्ति और 2029 में इसके कार्यान्वयन का समर्थन करने का दावा करते हैं, तो क्या आप अगले चुनाव चक्र में एक राजनीतिक दल के रूप में स्वेच्छा से 543 सीटों में से 180 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करेंगे? क्या आप अपने गठबंधन सहयोगियों से भी ऐसा करने का आग्रह करेंगे?
दूसरा विकल्प देते हुए प्रियंका चतुर्वेदी पूछती हैं कि “क्या आप 106वें संविधान संशोधन पर वापस जाएंगे और मानसून सत्र में एक नए संशोधन के माध्यम से जनगणना/परिसीमन के अनिवार्य प्रावधान को समाप्त करके इसे अगले चुनाव चक्र से लागू करेंगे? यदि उपरोक्त सभी प्रश्नों का उत्तर ‘नहीं’ है, तो दिखावा करना छोड़ देना ही बेहतर होगा।”
शिवसेना यूबीटी से राज्यसभा की सदस्य रहीं प्रियंका चतुर्वेदी की इस मुखर शैली को लेकर खूब सुर्खियां बन रही हैं।
देश की महिलाओं से पूर्व सांसद प्रियंका बड़ी अपील!
आधी आबादी की आरक्षण से जुड़ा विधेयक सदन में गिरने के बाद प्रियंका चतुर्वेदी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था।
Sad day for India’s women who hoped to find themselves in the parliament or assembly. pic.twitter.com/Ln95uAPrvy
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 17, 2026
सनद रहे कि पूर्व सांसद की पार्टी शिवसेना यूबीटी भी बिल के खिलाफ थी। ऐसे में उनका बयान पहले पार्टी विरोधी माना गया। हालांकि, फिर वे मुखरता के साथ केन्द्र को निशाने पर लेती नजर आईं।
Let women of the country not wait any longer than they have been promised and get the due they rightfully deserve in 2029 itself. Delink delimitation from Reservation from the Nari Shakti Vandan Adhiniyam Act, 2023 (One Hundred and Sixth Constitution Act) in force since 16th… pic.twitter.com/dQw0POyhJh
— Priyanka Chaturvedi🇮🇳 (@priyankac19) April 18, 2026
उद्धव ठाकरे की दल से जुड़ीं पूर्व सांसद ने फिर महिलाओं से अपील कर कहा कि “देश की महिलाओं को अब और इंतजार नहीं करना चाहिए, उन्हें 2029 में ही वह हक मिलना चाहिए जिसकी वे हकदार हैं। राष्ट्रपति की सहमति मिलने के बाद 16 अप्रैल से लागू नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 (एक सौ छठा संविधान अधिनियम) से परिसीमन और आरक्षण को अलग किया जाना चाहिए।” उनके इस रुख की खूब चर्चा हो रही है।
