एसआईआर विवाद के बीच, Gyanesh Kumar ने बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए विधानसभा चुनाव तारीखों का किया ऐलान, क्या एलपीजी की कमी इलेक्शन में होगा अहम मु्द्दा

Gyanesh Kumar: पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर लगातार विवाद जारी है। ममता बनर्जी सरकार लगातार केंद्र सरकार को इस मामले में निशाना बना रही है।

Gyanesh Kumar

फाइल फोटो

Gyanesh Kumar: पश्चिम बंगाल में एसआईआर को लेकर लगातार विवाद जारी है। ममता बनर्जी सरकार लगातार केंद्र सरकार को इस मामले में निशाना बना रही है। इसी बीच चुनाव आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश कुमार ने बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा की तारीखों का ऐलान कर दिया है। बताते चले कि इन राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल मई–जून 2026 में समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव आयोग ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की है। गौरतलब है कि विपक्षी पार्टियां मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महभियोग लाने की तैयारी में है। वहीं चुनाव से पहले एसआईआर का मुद्दा काफी गरमाया हुआ है। पश्चिम बंगाल की ममता सरकार इसके खिलाफ कई बार सुप्रीम कोर्ट का रूख कर चुकी है। चलिए आपको बताते है पूरी जानकारी।

विधानसभा चुनाव से पहले क्यों गरमाया एसआईआर विवाद

कई पश्चिम बंगाल समेत कई जगहों पर विधानसभा चुनाव होना है। इसी बीच SIR विवाद गरमाया है क्योंकि यह सीधे वोटर लिस्ट से जुड़ा मामला है, और आरोप है कि इस प्रक्रिया में बड़ी संख्या में लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। कुछ राज्यों में विपक्ष का आरोप है कि लाखों लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए, जिससे गरीब और कमजोर वर्ग के वोटर प्रभावित हो सकते हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि चुनाव से ठीक पहले इतनी बड़ी रिवीजन प्रक्रिया शुरू करने से राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर एसआईआर प्रक्रिया में प्रमाणित विद्यार्थियों के कारण अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई, जिससे विवाद और बढ़ गया। ममता बनर्जी तो लगातार केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर आरोप लगा रही है।

क्या एलपीजी की कमी चुनावी मुद्दा बन सकती है?

कुछ जगहों पर एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई को लेकर विवाद और विरोध शुरू हो गए हैं, जिससे यह चुनावी मुद्दा बन सकता है।तमिलनाडु के चेन्नई में डीएमके और सहयोगी दलों ने एलपीजी की कथित कमी को लेकर प्रदर्शन किया, और केंद्र सरकार पर आपूर्ति में कमी का आरोप लगाया। भारत में 60% से ज्यादा LPG आयात पर निर्भर है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई चेन से कमी की स्थिति बन सकती है। कुछ राज्यों में सरकारों ने संभावित कमी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए निगरानी व्यवस्था भी शुरू की है। हालांकि केंद्र सरकार भी लगातार इसे लेकर लोगों को जानकारी दे रही है और बता रही है कि किसी प्रकार की कमी है। हालांकि अब देखना होगा कि बीजेपी इस मुद्दे से कैसे निपटती है।

बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में इस तारीख को होंगे चुनाव – Gyanesh Kumar

असम - मतदान की तिथि - 9 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई

तमिलनाडु - मतदान की तिथि - 23 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई

पश्चिम बंगाल - मतदान की तिथि - 23 अप्रैल (पहला चरण), 29 अप्रैल (दूसरा चरण); मतगणना की तिथि - 4 मई

 केरल - मतदान की तिथि - 9 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई

पुडुचेरी - मतदान की तिथि - 9 अप्रैल; मतगणना की तिथि - 4 मई
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