Jharkhand News: झारखंड में छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री सीएम हेमंत सोरेन की ओर से महत्वपूर्ण संदेश सामने आया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की चिंताओं और मांगों को गंभीरता से लिया जा रहा है तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि किसी भी मुद्दे का स्थायी समाधान बातचीत और संवैधानिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है। मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री जी ने अहम जानकारी दी है।
छात्रों के लिए हेमंत सोरेन सरकार का खास संदेश
मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि “मेरे युवा साथियों की चिंताएँ हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है। हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ काम कर रही है। संबंधित एजेंसियाँ दिन-रात जांच कर रही हैं और दोषियों को जेल भी भेजा रहा है।
माननीय विधानसभा में मीडिया बंधुओं से बातचीत…
मेरे युवा साथियों की चिंताएँ हमारे लिए अत्यंत गंभीर विषय हैं। पेपर लीक का विषय केवल झारखंड का नहीं है, बल्कि देश के अनेक राज्यों के युवाओं के सामने यह एक बड़ी राष्ट्रीय समस्या बन चुका है।
हमारी सरकार इस मामले पर पूरी गंभीरता के साथ… pic.twitter.com/AGRsy4sVJy
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 5, 2026
लेकिन हमारा उद्देश्य केवल जांच करना नहीं, बल्कि मेरे युवा साथियों को concrete solution देना है। झारखंड सरकार के दरवाजे हमेशा सभी के लिए खुले रहते हैं। जिन छात्रों या अभ्यर्थियों की कोई भी मांग या सुझाव है, वे अपनी बात राज्य सरकार के समक्ष रख सकते हैं। मेरे युवा साथियों की प्रत्येक बात को पूरी गंभीरता से सुना जाएगा”।
छात्रों की क्या है मांगें?
अभ्यर्थियों का आरोप है कि जेपीएससी के पेपर लीक किए गए, सीटें बेची गई हैं और उन्हें सीआईडी जांच पर भरोसा नहीं है, मामले की जांच ईडी या सीबीआई को सौंपी जाए। भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल पद से हटाया जाए। दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। भविष्य की सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय भर्ती प्रणाली लागू की जाए। लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए।







