Jharkhand News: शिक्षा के क्षेत्र में हेमंत सोरेन सरकार का नया कीर्तिमान, सरकारी स्कूलों के 25 बच्चों ने मेडिकल परीक्षा को किया उत्तीर्ण

Jharkhand News: सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 25 विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया है।

Jharkhand News

फाइल फोटो

Jharkhand News: झारखंड में शिक्षा के क्षेत्र से एक उत्साहजनक खबर सामने आई है। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 25 विद्यार्थियों ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि को राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था में किए गए सुधारों और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही बेहतर सुविधाओं का सकारात्मक परिणाम बता रही है।

सीएम हेमंत सोरेन ने सफल छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की तैयारी का समान अवसर उपलब्ध कराना है। गौरतलब है कि सोरेन सरकार की अगुवाई में शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से विकास किया जा रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में हेमंत सोरेन सरकार का नया कीर्तिमान

मुख्यमंत्री कार्यालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार बच्चों को पढ़ाई के बेहतर मौके दे रही है, जिसका प्रतिफल है कि NEET-UG 2026 की परीक्षा में सरकारी स्कूलों और सरकार के निःशुल्क कोचिंग से पढ़े 25 बच्चों ने मेडिकल परीक्षा पास की है। सभी बच्चों को बधाई।
राज्य सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं, स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाओं, डिजिटल शिक्षा, पुस्तकालय और शिक्षकों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। जिसका असर साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। 

सरकारी स्कूलों के छात्रों ने बढ़ाया झारखंड का मान

सरकार का कहना है कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले अधिकांश छात्र सरकारी स्कूलों से जुड़े हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद इन छात्रों ने कड़ी मेहनत और सरकारी सहायता का लाभ उठाकर यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि उचित मार्गदर्शन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार का दावा है कि इन प्रयासों का असर अब छात्रों के परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

 

Exit mobile version