Jharkhand News: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दे रही है। झारखंड को टीबी मुक्त बनाने की दिशा में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और बीमारी की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण है।
जिसे देखते हुए झारखंड सरकार ने अहम जानकारी साझा की है और बताया है कि टीवी की पहचान कैसे की जा सकती है और कौन से लक्षण दिखाई देते है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
टीवी को लेकर सीएम हेमंत सोरेन सरकार सख्त
आईपीआरडी झारखंड ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “टीबी को हराना है, तो समय पर पहचान और पूरा इलाज जरूरी है। दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना, वजन कम होना या बलगम में खून जैसे लक्षण दिखें तो बिना देर किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की जांच कराएं। आइए, मिलकर टीबी मुक्त झारखंड के संकल्प को साकार करें”।
टीवी के कुछ प्रमुख लक्षण
टीवी से जुड़े लक्षणों की बात करें तो – दो सप्ताह या उसमे अधिक समय तक खांसी रहना। रात में पसीना आना।
बुखार। बलगम वाली खांसी। सीने में दर्द।
टीबी को हराना है, तो समय पर पहचान और पूरा इलाज जरूरी है।
दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी, बुखार, रात में पसीना, वजन कम होना या बलगम में खून जैसे लक्षण दिखें तो बिना देर किए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में टीबी की जांच कराएं।
आइए, मिलकर टीबी मुक्त झारखंड के संकल्प को… pic.twitter.com/7D8ncQuexE
— IPRD Jharkhand (@prdjharkhand) September 4, 2026
बलगम में खून आना। थकान। शरीर के किसी भी हिस्से में गांठ होना। वजन में गिरावट। हाल में कुछ शारीरिक बदलाव।
टी०वी० उन्मूलन में आप भी भागीदार बनें ।
आरखण्ड राज्य के सभी जनप्रतिनिधि, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयं सेवी संस्था, प्रबुद्ध नागरिक, राजनीतिक दल के सक्रिय सदस्य, स्वयं सहायता समूह के सदस्य एवं आम जनों से अपील है कि निःश्रय मित्र पहल अन्तर्गत निःश्रय मित्र यनकर अतिरिक्त पोषण सहायता/आजीविका प्रशिक्षण/जाँच इत्यादि में सहायक बनेंगे एवं गाँव/वार्ड/पंचायत/प्रखंड/जिला को भी टी०वी० मुक्त बनाने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे।
अधिक जानकारी हेतु टोल फ्री हेल्प लाइन 1800-11-6666 एवं टी०बी० मुक्त भारत ऐप के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। निकटतम सहिया, सी०एच०ओ०, चिकित्सा पदाधिकारी अथवा जिला स्तर पर जिला यक्ष्मा पदाधिकारी से भी सम्पर्क कर सकते हैं।







