Kerala Election Results 2026: दक्षिण में तमिलनाडु से सटे केरल में भी सत्ता परिवर्तन की संभावना प्रबल होती जा रही है। तमिल में एक्टर विजय की पार्टी के तर्ज पर केरल में यूडीएफ का दबदबा नजर आया है। शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ केरल में एकतरफा जीत की ओर बढ़ रही है।
यूडीएफ 140 में से 90 से अधिक सीटों पर बढ़त बना चुकी है जो बहुमत से कहीं ज्यादा है। ऐसा लग रहा है जैसे एलडीएफ को छोड़, यूडीएफ ने वोटर्स का विश्वास पूरी तरह से जीत लिया है। वहीं बंगाल, असम में रिकॉर्ड कायम कर रही बीजेपी को यहां झटका लगा है। केन्द्र की सत्तारुढ़ दल उम्मीद के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाई है।
केरल में एकतरफा जीत की ओर अग्रसर कांग्रेस गठबंधन!
रुझानों की मानें तो यूडीएफ स्पष्ट बहुमत से कहीं अधिक संख्या के साथ केरल की सत्ता में वापसी करने जा रही है। 2011-2016 तक ओमान चांडी के नेतृत्व में केरल की सत्तारुढ़ गठबंधन रही यूडीएफ को वाम दलों के गठबंधन एलडीएफ ने हराया था। 2016-2026 तक लगातार 10 वर्ष सूबे में एलडीएफ का शासन रहा। हालांकि, अभी एलडीएफ महज 41 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
दूसरी ओर 10 वर्षों (2016-2026) तक विपक्ष में रही यूडीएफ 90 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। यदि रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो केरल में कांग्रेस के गठबंधन वाले यूडीएफ की एकतरफा जीत होगी। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, केसी वेणुगोपाल, शशि थरूर समेत तमाम कांग्रेसी नेताओं ने विधानसभा चुनाव के लिए अपनी ऊर्जा झोंक दी थी। अब रुझानों में प्रयास का फल नजर आ रहा है। देर दोपहर तक तस्वीरें साफ हो सकती हैं।
बंगाल में इतिहास रचने वाली बीजेपी केरल में पिछड़ी!
असम के साथ बीजेपी बंगाल में भी इतिहास रचने जा रही है। शुरुआती रुझानों में बीजेपी को असम और बंगाल में एकतरफा जीत मिलती नजर आ रही है। हालांकि, बीजेपी के लिए दक्षिण का अभेद किला कहे जाने वाले केरल में पार्टी को निराशा हाथ लगी है। खबर लिखे जाने तक पार्टी महज 1 सीटों पर तगड़ी बढ़त बनाए हुए है। उस सीट का नाम नेमोम है।
नेमोम से बीजेपी उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर 18 में से 7 राउंड की मतगणना के बाद 4310 वोटों से आगे हैं। वहीं कोल्लम जिले की चथन्नूर विधानसभा सीट पर बीजेपी उम्मीदवार बीबी गोपाकुमार 16 में से 8 राउंड की मतगणना के बाद महज 262 वोटों से आगे हैं। खबर लिखे जाने तक बीजेपी को 11.73 फीसदी वोट हासिल हुए हैं। यही वजह है कि केरल में बीजेपी के पिछड़ने का दावा किया जा रहा है।
