Ajit Pawar: जनवरी के अंतिम सप्ताह में महाराष्ट्र के बारामती में हुई एक घटना ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। अजित पवार की दुखद मौत के बाद प्लेन क्रैश पर खूब सवाल उठे। ममता बनर्जी, सांसद पप्पू यादव समेत कई नेताओं ने अजित पवार संग हुए दुर्घटना की जांच को लेकर आवाज उठाई।
अब घटना के लगभग 20-21 दिन बाद फिर एक बार महाराष्ट्र की सियासत गरमाई है। अजित पवार के भतीजे रोहित पवार के बाद शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने फिर सवालों की लंबी श्रृंखला लगाते हुए अच्छे से जांच की बात कही है। आइए हम आपको इस पूरे प्रकरण के बारे में विस्तार से बताते हैं।
रोहित पवार और संजय राउत के सवालों से महाराष्ट्र में उबाल
महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में रोहित पवार और संजय राउत के सवालोंकी श्रृंखला तेजी से चल रही है। कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने गृहमंत्री अमित शाह, नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू डीजीसीए को ई-मेल भेजकर चिंता व्यक्त की है। शरद पवार के पोते और अजित पवार के भतीजे रोहित ने अपनी मांग का उद्देश्य राजनीतिक नहीं, बल्कि दुर्घटना के पीछे की सच्चाई को सामने लाना बताया है।
इससे पहले भी रोहित पवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एयरलाइन कंपनी वीएसआर, बुकिंग संभालने वाली कंपनी एरो और पायलट सुमित कपूर पर संदेह व्यक्त किया था। रोहित पवार के बाद संजय राउत भी 28 जनवरी को बारामती में हुए प्लेन क्रैश को लेकर हमलावर हैं। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा है कि विमान के ब्लैक बॉक्स की जली हुई स्थिति रहस्यमय और गंभीर है। यदि यह तथ्य सही है, तो इसकी विस्तृत जांच होनी चाहिए। सवालों के अंबार ने महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में नए सिरे से चर्चा छेड़ दी है।
AAIB ने विदेशी टेक्निकल की कर दी मांग
बारामती में 28 जनवरी को हुए विमान हादसे की जांच में जुटी एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने बड़ा अपडेट साझा किया है। रोहित पवार, संजय राउत समेत अन्य नेताओं के सवाल उठाने के बीच एएआईबी ने साफ किया है कि एक रिकॉर्डर से डेटा डाउनलोड हो गया है।
दूसरी यूनिट से डेटा प्राप्ति के लिए जांच एजेंसी ने विदेशी टेक्निकल टीम से मदद मांगी है। ये डेटा सामने आने के बाद संभव है कि संभावित टेक्निकल या अन्य कुछ वजहों की पता चल सके। जांच एजेंसी ने लोगों से भी अपील की है कि वे सभी अटकलों के बीच जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ने दें। इधर जांच के दौर के बीच सवालों के अंबार ने महाराष्ट्र कि सियासी गलियारों में नए सिरे से गर्माहट ला दी है।






