---Advertisement---

Mamata Banerjee या ईडी? IPAC छापेमारी प्रकरण में किसका पलड़ा भारी? क्या चुनाव से पहले बढ़ सकती हैं बंगाल सीएम की मुश्किलें? जानें

IPAC छापेमारी प्रकरण में Mamata Banerjee या ईडी, किसका पलड़ा भारी है। इसको लेकर सवालों के अंबार खड़े हो रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: जनवरी 9, 2026 10:55 पूर्वाह्न

Mamata Banerjee
Follow Us
---Advertisement---

Mamata Banerjee: चुनाव से ठीक पहले पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी जोरों पर है। बीते दिन बंगाल तब सुर्खियों में आया जब औचक IPAC चीफ प्रतीक जैन के घर ईडी की छापेमारी शुरू हुई। इस कहानी में ट्विस्ट तब और बढ़ गया जब सूबे की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद छापेमारी के वक्त प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं। इतना ही नहीं, सीएम ममता बनर्जी ने रेड वाली जगह से कुछ फाइलें भी उठाईं और ED के अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया।

इधर प्रवर्तन निदेशालय भी ममता बनर्जी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटा चुका है। IPAC छापेमारी प्रकरण को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि इस छापेमारी प्रकरण में ममता बनर्जी या ईडी में किसका पलड़ा भारी है? क्या बंगाल सीएम की मुश्किलें चुनाव से पहले बढ़ सकती हैं? ऐसे तमाम सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।

IPAC छापेमारी प्रकरण में किसका पलड़ा भारी?

इसको लेकर विशेषज्ञों की अलग-अलग राय है। कानून समझ रखने वालों की मानें तो बंगाल सीएम ने छापेमारी वाले स्थल से फाइलें उठाकर अपनी मुश्किलें बढ़ा ली हैं। इस मामले को लेकर ईडी ने हाईकोर्ट का रुख किया है और ममता बनर्जी के खिलाफ जांच में दखलंदाजी का आरोप लगाने हुए याचिका दायर करने की अनुमति मांगी है। ईडी के पास पीएमएलए की धारा 67 का कवच है।

यदि ED ये साबित कर दे कि ममता बनर्जी फाइल लेकर छापेमारी स्थल से गई हैं वो जांच में कितनी अहम है तो वे चुटकियों में गिरफ्तार हो सकती हैं। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री जरूर हैं, लेकिन सदन के बाहर उन्हें कोई विशेषाधिकार नहीं है। यही वजह है कि IPAC छापेमारी प्रकरण में ममता बनर्जी की तुलना में ईडी का पलड़ा भारी नजर आ रहा है।

क्या चुनाव से पहले बढ़ सकती हैं Mamata Banerjee की मुश्किलें?

इसका पुख्ता जवाब भविष्य के गर्भ में है। हालांकि, ये संभव है कि ईडी मजबूती से कार्रवाई को रफ्तार देते हुए बंगाल सीएम की मुश्किलें बढ़ा सकती है। इससे पूर्व अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया इसके पुख्ता उदाहरण हैं कि कैसे उन्हें पद पर रहते हुए गिरफ्तार किया जा चुका है। यदि ईडी ये साबित कर देती है कि रेड के दौरान ममता बनर्जी द्वारा उठाई गई फाइल जांच में अहम है, तो बंगाल सीएम की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सबसे अहम है कि इसी वर्ष बंगाल में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में यदि IPAC पर यूंही ईडी का शिकंजा कसा, तो टीएमसी प्रभावित होगी। इसका सीधा असर ममता बनर्जी पर भी देखने को मिल सकता है और उनकी मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

CM Bhagwant Mann

फ़रवरी 27, 2026

CM Yogi Adityanath

फ़रवरी 27, 2026

Bhagwant Mann

फ़रवरी 27, 2026

Pakistan Afghanistan Conflict

फ़रवरी 27, 2026

Meerut Namo Bharat Train

फ़रवरी 27, 2026

DGCA

फ़रवरी 27, 2026