Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल में सियासत पूरी तरह से गरमा चुकी है। बता दें कि बंगाल के नतीजे के बाद से टीएमसी में लगातार फूट की खबरे आ रही है। आलम यह है कि करीब 60 बागी विधायकों ने ममता बनर्जी की जगह ऋतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष चुना था। वहीं बीते दिन ममता बनर्जी ने अपने विधायकों और सांसदों की बैठक बुलाई थी। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक बैठक में 8 विधायक और 6 सासंद ही पहुंचे थे। जिसके बाद अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या विधायकों के बाद सांसद भी बागी होने जा रही है, और अगर ऐसा होता है तो क्या बीजेपी को इसका फायदा मिलेगा। आईए सझते है इसके मायने।
विधायक के बाद क्या बागी हो जाएंगे सांसद?
गौरतलब है कि Mamata Banerjee ने बीते दिन विधायक और सांसदों की बैठक बुलाई थी। जिसमे करीब 6 सासंद और 8 विधायक ही पहुंचे थे। बता दें कि पश्चिम बंगाल में कुल टीएमसी सांसदों की संख्या 41 है। जिसमे से करीब 6 सांसद ही पहुंचे थे। सूत्रों के मुताबिक बड़ी संख्या में सांसद अभिषेक बनर्जी से नाराज है। जिसकी वजह से बड़ी संख्या में सांसद बागी हो सकते है, और अगर ऐसा होता है तो माना जा रहा है कि टीएमसी पार्टी के साथ-साथ Mamata Banerjee की मुश्किलें बढ़ सकती है। गौरतलब है कि मानसून सत्र से पहले अगर टीएमसी के सांसद बागी हो जाते है तो दीदी की मुश्किलें बढ़ सकती है।
बागी सांसदों से क्या बीजेपी को होगा फायदा?
जानकारी के मुताबिक बीजेपी संसद में मानसून सत्र के दौरान परिसिमन बिल लाने पर विचार कर रही है। इससे पहले भी बिल लाया गया था, लेकिन यह बिल पास नहीं हो सका। लेकिन अगर टीएमसी सांसद बागी हो जाते है तो हो सकता है कि वह बीजेपी के समर्थन में वोट दे दे या फिर वोटिंग के दौरान वॉकआउट कर दें। दोनों ही मायने में बीजेपी को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि यह महज एक कयास है। टीएमसी सांसदों की तरफ से अभी तक इस प्रकार की जानकारी तो सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पार्टी में फूट देखने को मिल सकती है।
