‘भले ही इससे मुझे वोट मिले या न…; जाति-धर्म को लेकर केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari के बयान से मचा तहलका; जानें पूरी डिटेल

Nitin Gadkari: केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री ने धर्म की राजनीति करने वाले लोगों को आड़े हाथों लेते हुए उन्हें खरी खौटी सुनाई।

Nitin Gadkari

Nitin Gadkari - फाइल फोटो

Nitin Gadkari: केंद्रीय मंत्री नीतिन गडकरी अपने बेबाक बयानों के लिए जानें जाते है। इसी बीच उन्होंने जाति धर्म को लेकर ऐसी बात कही, जिसके बाद राजनीति पारा 7वें आसमान पर पहुंच गया है। महाराष्ट्र में अपने एक कार्यक्रम के दौरान जाति आधारित राजनीति के खिलाफ अपने कड़े विचार व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि किसी व्यक्ति की महानता उसके गुणों से निर्धारित होती है, न कि जाति, धर्म या लिंग से। गौरतलब है कि हमेशा से ही Nitin Gadkari अपने तीखों अंदाज को लेकर जाने जाते है।

भले ही इससे मुझे वोट मिले या न मिले – Nitin Gadkari

नागपुर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि “किसी व्यक्ति की पहचान उसकी जाति, संप्रदाय, धर्म, भाषा या लिंग से नहीं होती, बल्कि उसके गुणों से होती है। इसलिए हम जाति, संप्रदाय, धर्म, भाषा या लिंग के आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं करेंगे। मैं राजनीति में हूँ और यहाँ ये सब चलता रहता है, लेकिन मैं इससे इनकार करता हूँ, भले ही इससे मुझे वोट मिले या न मिले। बहुत से लोग मुझसे जाति के आधार पर मिलने आते हैं।

मैंने 50,000 लोगों से कहा, ‘जो करेगा जाट की बात, उसके कस के मारूँगा लात।’ मेरे दोस्तों ने मुझसे कहा कि हो सकता है कि मैंने ऐसा कहकर खुद को नुकसान पहुँचाया हो। लेकिन मुझे इसकी चिंता नहीं है, चुनाव हारने से कोई अपनी जान नहीं गँवाता। मैं अपने सिद्धांतों पर अडिग रहूँगा”।

मैं ‘डॉ’ उपाधि का इस्तेमाल नहीं करता – नीति गडकरी

केंद्रीय और सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari ने कहा कि “कई लोग गलत तरीके से सोचते हैं कि वह इंजीनियर हैं क्योंकि उनके नाम पर विश्व रिकॉर्ड दर्ज हैं। “मेरे पास 12 डी. लिट डिग्री हैं, लेकिन मैं ‘डॉ’ उपाधि का इस्तेमाल नहीं करता। मेरी कहानी यह है। आपातकाल 1975 में शुरू हुआ जब मैं 11वीं कक्षा में था। मैंने आपातकाल के खिलाफ काम करना शुरू कर दिया, मेरी पढ़ाई प्रभावित हुई और मैं इंजीनियरिंग के लिए योग्य नहीं था। इसलिए जो व्यक्ति इंजीनियरिंग के लिए योग्य नहीं हो सका, वह डॉक्टरेट कैसे हो सकता है? इसलिए मैं उपाधि का इस्तेमाल नहीं करता।” बता दें कि केंद्रीय मंत्री के बयान के कई मायने निकाले जा रहे है।

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