Om Birla: राजधानी दिल्ली में चहल-पहल का दौर बढ़ चुका है। देश के विभिन्न हिस्सों का प्रतिनिधित्व करने वाले माननीय सांसद दिल्ली पहुंच चुके हैं। दरअसल, आज से बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो रही है जिस दौरान ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जा सकता है। कांग्रेस, सपा, राजद, झामुमो, डीएमके, टीएमसी समेत तमाम विपक्षी दल ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास ला सकते हैं।
हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का हासिल क्या होगा? इस सवाल का जवाब जानने के लिए लोग आतुर हैं। क्या इससे ओम बिरला की कुर्सी चली जाएगी? विपक्ष क्या अविश्वास प्रस्ताव लाकर लोकसभा अध्यक्ष को पदमुक्त करा सकता है? संसद सत्र के हंगामेदार होने के आसार के बीच इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश की जाएगी।
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से क्या हासिल करेगा विपक्ष?
संसद के गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि विपक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकता है। इसको लेकर आगे फ्लोर लीडर्स की मीटिंग हो सकती है जिसमें आगे की रूप-रेखा तय किए जाने की बात है। अविश्वास प्रस्ताव भले ही विपक्ष पेश कर ले, लेकिन ये स्पष्ट है कि संख्या बल सरकार के पास है। ऐसे में प्रस्ताव पराजित हो जाएगा।
विपक्ष अपने मंसूबो में कामयाब तो नहीं हो पाएगा। हालांकि, लोगों के बीच एक संदेश जरूर जाएगा। लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले सदन में लोकसभा चीफ पर विपक्ष का अविश्वास जनता के बीच एक नैरेटिव सेट कर सकता है। विपक्ष को सहानुभूति मिल सकती है। यही वजह है कि ओम बिरला के खिलाफ विपक्षी दलों की रणनीति चर्चाओं में है।
बजट सत्र के दूसरे चरण में हंगामे के आसार!
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो चुका है। इस दौरान संसद की कार्यवाही हंगामेदार रहने के आसार हैं। लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा भारत को रूसी तेल खरीदने की छूट तक जैसे मुद्दे चर्चा का विषय बन सकते हैं। इस दौरान विपक्ष मुखरता से सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर सकता है।
इससे इतर मिडिल ईस्ट में बदले समीकरण पर भी सरकार का रुख ध्यान देने योग्य होगा। साथ ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, भारत में एलपीजी की बढ़ी कीमतें जैसे मुद्दे विपक्ष मुखरता से उठा सकता है। तमाम संभावनाओं के बीच सत्ता और विपक्ष दोनों ने अपने सांसदों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए व्हिप जारी किया है। यही वजह है कि सदन की कार्यवाही पर नजरें टिकीं हैं।
