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OM Birla: लोकसभा स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, अविश्‍वास प्रस्ताव को लेकर सुगबुगाहट तेज; समझे इसके मायने

OM Birla

फाइल फोटो

OM Birla: संसद में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं अब सूत्रों से खबर आ रही है कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्‍वास प्रसताव ला सकता है। गौरतलब है कि बीते दो दिनों से संसद में उठापटक मची है। न्यूज 18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि अब विपक्ष की तरफ से लोकसभा अध्‍यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्‍वास प्रस्‍ताव लाया जाएगा। हालांकि अधिकारिक तौर पर विपक्ष की तरफ से अभी तक इसे लेकर किसी प्रकार की अधिकारिक घोषणा तो नहीं की गई है, लेकिन मान जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों में हुई घटना से माना जा रहा है कि विपक्ष कुछ बड़ा कदम उठा सकता है। आईए आपको समझाते है कि क्या है पूरा मामला?

विपक्ष क्यों ला रहा है अविश्‍वास प्रस्ताव?

गौरतलब है कि बजट के बाद से ही संसद का माहौल गरमाया हुआ है। इसी बीच अब खबर सामने आ रही है कि विपक्ष लोकसभा स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने जा रही है। कांग्रेस का आरोप है कि उन्होंने राहुल गांधी को नहीं बोलने दिया। इसके अलावा जिस तरह से लोकसभा स्पीकर ने कथित तौर पर विपक्षी सदस्यों द्वारा प्रधानमंत्री पर हमला की आशंका जाहिर की थी उससे भी विपक्ष नाराज है। मालूम हो कि पीएम मोदी का भाषण 4 फरवरी को शाम 5 बजे शुरू होने था, लेकिन उसे अगले दिन के लिए टाल दिया गया। माना जा रहा है कि ओम बिड़ला ने ही पीएम मोदी को भाषण देने से रोका था। उन्होंने कहा कि

“मेरे पास ऐसी जानकारी आई की कांग्रेस पार्टी के कई सदस्य माननीय प्रधानमंत्री के आसन पर पहुंकर कोई भी अप्रत्यासित घटना कर सकते है। माना जा रहा है कि इन्हीं कारणों से विपक्ष ओम बिड़ला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव ला सकती है”। इस वीडियो को Abhay Pratap Singh नाम के एक्स हैंडल से शेयर किया गया है।

क्या होता है अविश्‍वास प्रस्ताव?

बता दें कि अविश्वास प्रस्ताव एक संसदीय प्रक्रिया है। जिसके ज़रिए संसद या विधानसभा के सदस्य यह जाँचते हैं कि मौजूदा सरकार को सदन का भरोसा है या नहीं। लोकसभा में कोई भी विपक्षी सांसद इसे पेश कर सकता है। इसके लिए कम से कम 50 सांसदों की जरूरत होती है। इसके बाद अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होता है। वोटिंग के बाद सरकार को अपना बहुमत पेश करना होता है, अगर मौजूदा सरकार बहुमत पेश नहीं कर पाती है, तो तुरंत हटा दिया जाता है। वहीं अगर सरकार बहुमत साबित हो जाता है, तो फिर अविश्वास प्रस्ताव का कोई मायने नहीं होता है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में हंगामा और भी बढ़ सकता है। वहीं अब देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले दिनों में विपक्ष का रवैया रहता है।

 

 

 

 

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