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Pappu Yadav: ‘जो दोषी होता है उसे…’ पूर्णिया सांसद की गिरफ्तारी पर मचा भारी बवाल, आरजेडी नेता के बयान से बढ़ा सियासी पारा; जानें सबकुछ

Pappu Yadav

pappy yadav, tejashwi yadav - फाइल फोटो

Pappu Yadav: पूर्णियां से सांसद पप्पू यादव को बिहार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है, जिसके बाद सांसद जी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बता दें कि पहले उन्हें पटना के आईजीएमएस ले जाया गया है। हालांकि बेड खाली नहीं होने के कारण उन्हें पीएमसीएच रेफर कर दिया गया। पटना में करीब 31 साल पुराने विवाद पर अदालत ने बड़ी कार्रवाई की, जिसके बाद बिहार पुलिस ने पप्पू यादव को गिरफ्तार कर लिया है, मेडिकल के बाद उन्हें बेऊर जेल भेज दिया गया है। बताते चले कि पप्पू यादव के वकील विजय आनंद ने बताया कि उनकी नियमित जमानत पर अर्जी पर सुनवाई सोमवार को होगी। सांसद की गिरफ्तारी के बाद बिहार में सियासी पारा बढ़ गया है। वहीं अब इस मामले पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अपने प्रतिक्रिया दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

Pappu Yadav की गिरफ्तारी पर तेजस्वी यादव का तंज

पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि “आजकल तो तानाशाही तो चल ही रहा है। तानाशाही हो गई है। दोषियों को बचाया जाता है, निर्देशों को फंसाया जाता है। बता दें कि इस वीडियो को FirstBiharJharkhand के एक्स हैंडल से शेयक किया गया है।

इस मामले में तो हमने कई बार लिखा है। सीबीआई बिहार सरकार का काम है कि अपराधियों को संरक्षण दो और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दो”।

पप्पू यादव की गिरफ्तार पर राहुल गांधी का तंज

कांग्रेस सांसद और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पप्पू यादव की गिरफ्तार को लेकर अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “पटना में NEET की आकांक्षी छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत और उसके बाद की पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम की गहरी सड़ांध को उजागर कर दिया है।पीड़ित परिवार ने जब निष्पक्ष जाँच और न्याय की माँग की, तो वही पुराना भाजपा-NDA मॉडल सामने आ गया – केस को भटकाओ, परिजनों को प्रताड़ित करो और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण दो। इस बेटी के लिए न्याय की आवाज़ बनकर साथी सांसद पप्पू यादव जी मजबूती से खड़े हुए।

आज उनकी गिरफ़्तारी साफ़ तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध है ताकि जवाबदेही माँगने वाली हर आवाज़ को डराया और दबाया जा सके सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि यह घटना किसी एक मामले तक सीमित नहीं दिखती। यह एक भयावह साज़िश और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती है, जहाँ और भी बेटियाँ शिकार बन रही हैं और सत्ता इस खौफ़नाक सच्चाई से आँखें मूँद कर बैठी है। यह राजनीति नहीं, इंसाफ़ का सवाल है। यह बिहार की बेटी की इज़्ज़त और सुरक्षा का सवाल है।

 

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