Jahangir Khan: 21 मई को फलता सीट पर पुन: मतदान होना जिससे पहले एक बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिला है। बंगाल चुनाव के दौरान खुद को पुष्पा बताने वाले ममता बनर्जी के सिपाही जहांगीर खान को चुनावी मैदान छोड़ने का फैसला लिया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान टीएमसी उम्मीदवार ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का जिक्र किया। जहांगीर खान ने कहा कि सीएम शुभेंदु फलता सीट की विकास के लिए विशेष पैकेज दे रहे हैं। इसलिए मैं खुद को चुनाव से अलग कर रहा हैं। जहांगीर के इस ऐलान से पश्चिम बंगाल में सियासी हलचल तेज हो गई है।
मतदान से पहले Jahangir Khan का बड़े ऐलान से सनसनी!
टीएमसी नेता जहांगीर खान ने खुद को फलता चुनाव से अलग कर दिया है। यहां 29 अप्रैल को मतदान में धांधली के आरोप लगे जिसके बाद 21 मई को पुनर्मतदान की तिथि तय हुई।
West Bengal | Ahead of the repoll in Falta on May 21, Jahangir Khan, the candidate of the Trinamool Congress, withdrew his candidature
He said, “My objective is to ensure peace and security in Falta, and to foster its maximum possible development. My vision was ‘Sonar Falta.’… pic.twitter.com/7HnbKLAoht
— ANI (@ANI) May 19, 2026
21 मई से ठीक दो दिन पहले आज 19 तारीख को जहांगीर खान ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। उन्होंने कहा कि “मेरा उद्देश्य फलता में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसका अधिकतम विकास करना है। मेरा विजन ‘सोनार फलता’ था। हमारे मुख्यमंत्री फलता के लोगों के लिए एक विशेष पैकेज प्रदान कर रहे हैं। इसी कारण से मैं अपना नामांकन वापस ले रहा हूं। मैंने फलता के विकास और शांति के हित में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।” जहांगीर खान के इस फैसले से बीजेपी अंदरखाने गदगद होगी।
उम्मीदवारी वापस लेने के फैसले पर भड़क उठी TMC
जहांगीर खान के उम्मीदवारी वापस लेने के फैसले पर टीएमसी भड़क उठी है। पार्टी के आधिकारिक एक्स हैंडल से इस संबंध में तल्ख प्रतिक्रिया दी गई है।
The decision taken by Jahangir Khan to withdraw from the Falta re-poll is his personal decision and not that of the party.
Since the election results were declared on 4th May, more than 100 of our party workers have been arrested in Falta AC alone. Several party offices have…
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 19, 2026
टीएमसी ने स्पष्ट किया है कि “जहांगीर खान द्वारा फलता पुनर्चुनाव से हटने का निर्णय उनका व्यक्तिगत है, न कि पार्टी का। 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से अकेले फलता में हमारे पार्टी के 100 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है। कई पार्टी कार्यालयों में तोड़फोड़ की गई है, उन्हें बंद कर दिया गया है और दिनदहाड़े धमकी देकर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इतने दबाव के बावजूद भी हमारे कार्यकर्ता दृढ़ संकल्पित हैं और भाजपा द्वारा एजेंसियों और प्रशासन के माध्यम से फैलाई जा रही धमकियों का लगातार विरोध कर रहे हैं।”
बंगाल में विपक्ष की भूमिका निभा रही टीएमसी का कहना है कि “कुछ आंतरिक दबाव के आगे जहांगीर खान झुक गए और चुनाव मैदान से हटने का विकल्प चुना। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। पश्चिम बंगाल और दिल्ली दोनों जगह बांग्ला बिरोधी भाजपा के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी।” टीएमसी का ये सख्त स्टैंड बीजेपी के खिलाफ उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हालांकि, अंतिम समय में टीएमसी उम्मीदवार का अपना नामांकन वापस लेना सुर्खियां बटोर रहा है।
