TN Assembly Election 2026: क्या किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे TVK चीफ Vijay? AIADMK खेमे में खलबली के बीच DMK पर भी टिकीं नजरें

TN Assembly Election 2026: थलपति विजय की टीवीके पूरे दम-खम के साथ तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ी है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या पार्टी किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है? एआईएडीएमके और डीएमके की हुंकार के बीच ये तेजी से पूछा जा रहा है।

TN Assembly Election 2026

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

TN Assembly Election 2026: बीजेपी का अभेद किला कहे जाने वाले तमिलनाडु में मतदान भले हो गया हो, लेकिन सूबे में सियासी घमासान लगातार छिड़ा है। राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर डीएमके और एआईएडीएमके गठबंधन के साथ टीवीके चीफ थलपति विजय ने भी ताल ठोंकी है। टीवीके उम्मीदवार राज्य की सभी सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं।

दक्षिण की राजनीतिक पर नजर रखने वाले टिप्पणीकारों की मानें तो विजय की पार्टी लगभग 20 फीसदी वोट शेयर हासिल कर मामले को दिलचस्प बना सकती है। सवाल उठ रहे हैं कि ऐसी स्थिति में क्या विजय किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे? एआईएडीएमके खेमे में खलबली के डीएमके की हुंकार के बीच आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।

क्या किंगमेकर की भूमिका निभाएंगे TVK चीफ Vijay?

इस सवाल का पुख्ता जवाब 4 मई को तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की घोषणा के साथ ही स्पष्ट हो सकेगा। दरअसल, तमिलनाडु में सियासी संग्राम जोरों पर है। थलपति विजय ने राज्य की सभी 234 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। उनकी पार्टी पूरी दम-खम के साथ चुनाव लड़ी है। विजय खुद पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली पूर्व से चुनाव लड़े हैं।

दक्षिण की राजनीति पर नजर रखने वाले ज्ञानियों की मानें तो विधानसभा चुनाव में टीवीके का वोट शेयर 20 फीसदी तक पहुंच सकता है। 20 फीसदी वोट शेयर हासिल करना मामले को दिलचस्प बना सकता है। यही वजह है कि तमिलनाडु में विजय के किंगमेकर साबित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। हालांकि, अंतत: क्या होगा ये 4 मई को चुनाव परिणाम की घोषणा के साथ स्पष्ट होगा।

AIADMK खेमे में खलबली के बीच DMK पर भी टिकीं नजरें

तमिलनाडु की मुख्य विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके में नेतृत्व तकरार को लेकर खलबली देखने को मिल चुकी है। एआईएडीएमके की बीजेपी संग गठबंधन का पहले टूटना, फिर जुटना भी आकर्षक रहा। ओ पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी के बीच नेतृत्व को लेकर संघर्ष का दौर पार्टी कार्यकर्ता देख चुके हैं। यही वजह है कि एआईएडीएमके में खलबली है।

सत्तारुढ़ दल डीएमके पर भी सबकी नजरें टिकीं हैं। 73 वर्षीय एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके, कांग्रेस व कुछ अन्य क्षेत्रीय दलों के साथ चुनावी मैदान में है। 2021 में विधानसभा चुनाव जीत चुकी डीएमके की नजरें फिर 2026 में भी चुनावी रण जीतने पर टिकीं हैं। यही वजह है कि तमिलनाडु की सियासत आकर्षण का केन्द्र बन चुकी है।

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