AI Agents: आज के टाइम में अधिकतर लोग स्मार्टफोन का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में फोन में ढेर सारे ऐप्स होते हैं, जिनकी मदद से यूजर्स अपना काम पूरा करते हैं। ऐसे में क्या होगा, जब मोबाइल में कोई भी ऐप्स नहीं होगा? जी हां, आपने सही पढ़ा, ऐसा संभव है। जिस तेजी के साथ एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की क्षमता में इजाफा देखने को मिल रहा है। ऐसे में आने वाले कुछ सालों में फोन में ऐप्स की जगह पर सिर्फ एआई एजेंट्स काम कर सकता है। नथिंग फोन कंपनी के सीईओ कार्ल पेई ने इस संबंध में हैरान करने वाला दावा किया है।
AI Agents से स्मार्टफोन एक्सपीरियंस होगा बेहतर
‘Gadgets360’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नथिंग कंपनी के सीईओ कार्ल पेई ने ‘South by Southwest’ (SXSW) में कहा, ‘मौजूदा ऐप-केंद्रित मॉडल बोरिंग है और पिछले 20 सालों में इसमें ज्यादा बदलाव नहीं आया है। आज किसी काम को पूरा करने के लिए स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना एक तरह के एडमिन काम जैसा लगता है, जिसमें अंतिम नतीजे तक पहुंचने के लिए अलग-अलग ऐप्स को मैन्युअल रूप से सेट करना पड़ता है।’
उन्होंने कहा, ‘जल्द ही यूजर्स किसी एजेंट को बता पाएंगे कि उन्हें क्या चाहिए और वह काम अपने आप हो जाएगा। आप बस एक एआई एजेंट को अपना इरादा बताएं, और वह उसमें शामिल सभी स्टेप्स को समझकर उन्हें पूरा कर दे। जैसे-जैसे एआई और बेहतर होगा, वह और भी मुश्किल कामों को पूरा करने में सक्षम हो जाएगा, जैसे कि यूजर्स को अधिक सेहतमंद बनने और वजन घटाने में मदद करना।’
भविष्य में बदलने वाला है स्मार्टफोन का इंटरफेस?
नथिंग के सीईओ कार्ल पेई ने आगे कहा, ‘और मुझे लगता है कि यह तब और भी अधिक असरदार हो जाता है, जब यह आपके लिए खुद-ब-खुद सुझाव देने लगता है। मेरा मानना है कि समय के साथ ये सिस्टम हमें हमारी अपनी समझ से भी बेहतर तरीके से जान जाएंगे, और सचमुच, आप जानते हैं, बेहतरीन सुझाव दे पाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘भविष्य ऐसा नहीं है कि कोई एजेंट किसी ह्यूमन इंटरफेस का इस्तेमाल करे। आपको एजेंट के इस्तेमाल के लिए एक इंटरफेस बनाना होगा। मुझे लगता है कि ऐसा करना ही भविष्य के लिहाज से अधिक सुरक्षित तरीका है।’
क्या होते हैं एआई एजेंट्स?
आपकी जानकारी में बढ़ोतरी करने के लिए बता दें कि एआई एजेंट्स ऐसे स्मार्ट सॉफ्टवेयर सिस्टम होते हैं, जो अपने आप सोच सकते हैं, फैसले ले सकते हैं और काम कर सकते हैं, यानि उन्हें हर कदम पर इंसान के निर्देश की जरूरत नहीं होती है।
इसे उदाहरण के साथ समझते हैं, जैसे- यूजर ने बोला: “मेरे लिए सस्ती फ्लाइट ढूंढो”, तो एआई एजेंट खुद सभी वेबसाइट्स चेक करेगा। फिर कीमतों में अंतर करेगा। इसके बाद बेस्ट ऑप्शन को आपके सामने पेश कर देगा। ओपनएआई का चैटजीपीटी एक बड़ा उदाहरण है। साथ ही कई वॉयस असिस्टेंस भी एआई एजेंट्स की भूमिका निभाते हैं, जैसे- एलेक्सा, गूगल असिस्टेंस जेमिनी। इनके इस्तेमाल से यूजर्स की मेहनत, समय और कई बार पैसों की भी बचत हो सकती है।






